भारत-श्रीलंका के रिश्तों की मजबूत नींव साझा सभ्यतागत विरासत : ओम बिरला
नई दिल्ली, 11 मई (हि.स.)। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा है कि भारत और श्रीलंका सदियों पुराने सभ्यतागत, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों से जुड़े हुए हैं तथा दोनों देशों की साझा बौद्ध विरासत आज भी द्विपक्षीय मैत्री की मजबूत आधारशिला है।
बिरला ने सोमवार को संसद भवन में श्रीलंका के ‘महिला सांसद कॉकस’ के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान यह बात कही। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व श्रीलंका सरकार की महिला एवं बाल मामलों की मंत्री सरोजा सावित्री पॉलराज कर रही थीं।
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि भारत और श्रीलंका के बीच संसदीय आदान-प्रदान लगातार मजबूत हो रहा है। उन्होंने हाल ही में एस.एम. मरिक्कर के नेतृत्व में आए श्रीलंकाई संसदीय प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई चर्चा का उल्लेख करते हुए कहा कि सांसदों के बीच नियमित संवाद से दोनों देशों के संबंधों को नई गति मिली है और आपसी समझ मजबूत हुई है।
महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का उल्लेख करते हुए बिरला ने कहा कि भारत का दृष्टिकोण अब “महिलाओं के विकास” से आगे बढ़कर “महिलाओं के नेतृत्व में विकास” का हो गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मानना है कि जब महिलाएं विकास का नेतृत्व करती हैं तो समाज अधिक समावेशी, संतुलित और टिकाऊ बनता है।
उन्होंने कहा कि नए संसद भवन में पारित पहला कानून ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ था, जिसके तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। उन्होंने इसे भारतीय लोकतंत्र में महिलाओं की निर्णायक भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया।
बिरला ने कहा कि भारत के कई राज्यों में स्थानीय स्वशासन संस्थाओं में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है और वर्तमान में देशभर में 14 लाख से अधिक निर्वाचित महिला प्रतिनिधि पंचायतों और शहरी निकायों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
उन्होंने स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) और ‘लखपति दीदी’ जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों के माध्यम से ग्रामीण भारत में महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण तेजी से बढ़ा है और महिला उद्यमिता को नई दिशा मिली है।
इस अवसर पर सरोजा सावित्री पॉलराज ने प्रतिनिधिमंडल के स्वागत और आतिथ्य के लिए भारत का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस यात्रा से श्रीलंका की महिला सांसदों को भारत की परिवर्तनकारी योजनाओं, विशेष रूप से स्वयं सहायता समूहों, महिला उद्यमिता और डिजिटल कॉमर्स के क्षेत्र में हो रहे कार्यों को समझने का अवसर मिला।
उन्होंने कोविड-19 महामारी और ‘डितवा’ चक्रवात जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान श्रीलंका को सहयोग देने के लिए भारत सरकार का भी धन्यवाद किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

