इंडिया मोबाइल कांग्रेस का 10वां संस्करण शुरू, 6जी और एआई पर फोकस
नई दिल्ली, 07 अक्टूबर (हि.स.)। इंडिया मोबाइल कांग्रेस (आईएमसी) का 10वां संस्करण बुधवार को नई दिल्ली के यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर में शुरू हुआ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गुरुवार को इसका औपचारिक उद्घाटन करेंगे। 10 अक्टूबर तक चलने वाले इस आयोजन में 6जी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), सैटेलाइट कम्युनिकेशन, साइबर सुरक्षा और डिजिटल तकनीक के क्षेत्र में हो रहे नए प्रयोगों और नवाचारों पर चर्चा होगी।
इस वर्ष आईएमसी की थीम ‘स्केल विदाउट बाउंड्रीज’ रखी गई है। आयोजन में 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधिमंडल, 1.50 लाख से अधिक प्रतिभागी, 300 से अधिक प्रदर्शक एवं साझेदार तथा करीब 500 स्टार्टअप हिस्सा ले रहे हैं। 400 से अधिक कंपनियां अपने उत्पादों और तकनीकी नवाचारों का प्रदर्शन करेंगी। दूरसंचार विभाग और सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) संयुक्त रूप से इसका आयोजन कर रहे हैं।
आईएमसी 2026 के चार प्रमुख स्तंभ सृष्टि, संवर्धन, सशक्त और सुरक्षा हैं। सृष्टि के तहत 6जी, एआई आधारित टेलीकॉम नेटवर्क, एज और क्लाउड कंप्यूटिंग, क्वांटम कम्युनिकेशन तथा सेमीकंडक्टर जैसी अगली पीढ़ी की तकनीकों पर ध्यान दिया जा रहा है। संवर्धन में 5जी के व्यावसायिक उपयोग, सैटेलाइट कम्युनिकेशन, डायरेक्ट-टू-डिवाइस कनेक्टिविटी, टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग और रोबोटिक्स पर चर्चा होगी।
सशक्त के तहत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के टिकाऊ विस्तार, ग्रीन टेलीकॉम, ऊर्जा दक्षता और ई-वेस्ट प्रबंधन जैसे विषयों को रखा गया है। सुरक्षा स्तंभ में साइबर सुरक्षा, डिजिटल ट्रस्ट, डेटा प्राइवेसी, जिम्मेदार एआई, स्पैम और साइबर फ्रॉड की रोकथाम तथा समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट केबल की सुरक्षा पर मंथन होगा।
आईएमसी से पहले प्रधानमंत्री ने ग्लोबल सिस्टम फॉर मोबाइल कम्युनिकेशंस एसोसिएशन (जीएसएमए) बोर्ड के सदस्यों से मुलाकात की। उन्होंने साइबर फ्रॉड से लोगों को बचाने के लिए नियमित अलर्ट संदेश भेजने और डीपफेक तथा एआई से तैयार सामग्री के वास्तविक स्रोत की पहचान के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने नई तकनीकों के लिए वैश्विक स्तर पर समान नियम बनाने की जरूरत भी बताई। जीएसएमए के सदस्यों ने भारत में 4जी और 5जी के तेज विस्तार तथा मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की सराहना करते हुए 5जी, 6जी, एआई और सैटेलाइट इंटरनेट के क्षेत्र में सहयोग की इच्छा जताई।
आईएमसी में 6जी पर विशेष सम्मेलन भी आयोजित किया जा रहा है। इसमें 6जी के मानकों और स्पेक्ट्रम की जरूरतों पर चर्चा होगी। भारत में 5जी के तेजी से विस्तार के बाद अब अगली पीढ़ी की मोबाइल तकनीक के विकास और वैश्विक मानकों में भारत की भागीदारी पर जोर दिया जा रहा है।
सैटेलाइट कम्युनिकेशन भी सम्मेलन का प्रमुख विषय है। डायरेक्ट-टू-डिवाइस तकनीक के जरिये मोबाइल फोन तक सैटेलाइट कनेक्टिविटी पहुंचाने और भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं की संभावनाओं पर चर्चा होगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर

