दैनिक मांग 20 लाख बढ़ी, सरकार ने कहा पैनिक बुकिंग न करें

WhatsApp Channel Join Now
दैनिक मांग 20 लाख बढ़ी, सरकार ने कहा पैनिक बुकिंग न करें


नई दिल्ली, 13 मार्च (हि.स.)। केंद्र सरकार ने कहा है कि देश में पेट्रोल, डीजल और गैस की पर्याप्त उपलब्धता है और नागरिकों को किसी भी प्रकार की घबराहट में आकर पैनिक बुकिंग करने की आवश्यकता नहीं है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार सामान्य समय में जहां एलपीजी की औसत दैनिक बुकिंग 55.7 लाख रहती थी, वहीं हाल के दिनों में यह बढ़कर 75.7 लाख तक पहुंच गई है, जो पैनिक बुकिंग का संकेत है।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव (मार्केटिंग एवं ऑयल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने शुक्रवार को राष्ट्रीय मीडिया केंद्र में आयोजित अंतर-मंत्रालयी संवाददाता सम्मेलन में बताया कि घरेलू एलपीजी उत्पादन 5 मार्च की तुलना में लगभग 30 प्रतिशत बढ़ा दिया गया है और घरों तक गैस की आपूर्ति निर्बाध रूप से की जा रही है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक बुकिंग से बचें।

उन्होंने बताया कि भारत की कुल रिफाइनिंग क्षमता 258 मिलियन मीट्रिक टन है और देश पेट्रोल तथा डीजल के उत्पादन में आत्मनिर्भर है। सभी रिफाइनरियां लगभग शत-प्रतिशत क्षमता या उससे अधिक पर काम कर रही हैं और उनके पास कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। ऐसे में पेट्रोल और डीजल के आयात की आवश्यकता नहीं है।

सुजाता शर्मा ने बताया कि 9 मार्च को जारी नेचुरल गैस कंट्रोल ऑर्डर के तहत कई क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है। इसके अनुसार घरेलू पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) और वाहनों के लिए सीएनजी की आपूर्ति बिना किसी कटौती के सुनिश्चित की जा रही है। वर्तमान में देश में करीब 1.5 करोड़ घरेलू पीएनजी उपभोक्ता हैं और उन्हें नियमित गैस सप्लाई मिल रही है।

उन्होंने बताया कि करीब 60 लाख ऐसे घर हैं जिनके आसपास पीएनजी नेटवर्क उपलब्ध है और वे आसानी से पीएनजी कनेक्शन ले सकते हैं। उन्होंने ऐसे उपभोक्ताओं से पीएनजी कनेक्शन लेने की अपील करते हुए कहा कि इससे एलपीजी पर दबाव कम करने में मदद मिलेगी।

मंत्रालय के अनुसार देश में एलपीजी वितरण नेटवर्क मजबूत है। वर्तमान में देश में 1,01,469 रिटेल आउटलेट और 25,605 एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर कार्यरत हैं तथा कहीं भी गैस की कमी या “ड्राई-आउट” की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। प्रतिदिन लगभग 50 लाख घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी की जा रही है। देश में कुल एलपीजी उपभोक्ताओं की संख्या 33.37 करोड़ है, जिनमें 10.56 करोड़ कनेक्शन प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत दिए गए हैं।

उन्होंने बताया कि घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को भी एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए गैस आपूर्ति में प्राथमिकता के आधार पर समायोजन किया गया है, ताकि आवश्यक सेवाओं पर किसी प्रकार का असर न पड़े।

इस बीच, केंद्रीय पोत, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के अधिकारी राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि एलपीजी कैरियर जहाजों को देश के प्रमुख बंदरगाहों पर प्राथमिकता के आधार पर बर्थिंग दी जा रही है, ताकि गैस आपूर्ति में किसी प्रकार की बाधा न आए। उन्होंने बताया कि फारस की खाड़ी क्षेत्र की मौजूदा स्थिति को देखते हुए समुद्री गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। इस दौरान तीन भारतीय नाविकों की मृत्यु की सूचना मिली है, जबकि एक नाविक अभी लापता है और चार अन्य नाविकों को मामूली चोटें आई हैं, जिनका उपचार कराया जा रहा है।

वहीं विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि कल हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेज़ेश्कियन से बात की। अपनी बातचीत के दौरान, प्रधानमंत्री ने भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और भलाई से जुड़ी हमारी प्राथमिकताओं पर ज़ोर दिया। उन्होंने ऊर्जा और सामग्री के पारगमन के महत्व का भी ज़िक्र किया। प्रधानमंत्री ने उस क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की और हमारी स्थिति—यानी भारत का पक्ष—भी सामने रखा कि लोगों को बातचीत और कूटनीति के ज़रिए आगे बढ़ना चाहिए, ताकि इस मुद्दे—वहां चल रहे संघर्ष—को जल्द से जल्द सुलझाया जा सके।

उन्होंने कहा कि कल, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से बात की, और दोनों विदेश मंत्रियों ने द्विपक्षीय मुद्दों के साथ-साथ ब्रिक्स से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की। ईरान से, पिछले कुछ दिनों में—आज के दिन को मिलाकर—कुल 170 भारतीय नागरिक ज़मीनी सीमा पार करके आर्मेनिया पहुंचे हैं। इनमें से कई लोग भारत लौट आए हैं, और बाकी लोग भी अगले कुछ दिनों में भारत लौट आएंगे; वे आर्मेनिया से भारत के लिए उपलब्ध कमर्शियल उड़ानों का विकल्प चुनेंगे।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

Share this story