भारत-जर्मनी ने डाक, एक्सप्रेस और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में बढ़ाया सहयोग

WhatsApp Channel Join Now
भारत-जर्मनी ने डाक, एक्सप्रेस और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में बढ़ाया सहयोग


नई दिल्ली, 12 जनवरी (हि.स.)। जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के भारत दौरे के दौरान दोनों देश ने डाक, एक्सप्रेस और लॉजिस्टिक्स सेवाओं के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करते हुए सोमवार को अहमदाबाद में दो प्रमुख समझौतों पर हस्ताक्षर किए।

केंद्रीय संचार मंत्रालय ने बताया कि हस्ताक्षरित दस्तावेजों में पहला संयुक्त आशय घोषणा पत्र है, जो भारत सरकार के संचार मंत्रालय के अधीन डाक विभाग और जर्मनी के संघीय आर्थिक मामलों एवं ऊर्जा मंत्रालय के बीच हुआ। दूसरा दस्तावेज डाक विभाग और जर्मनी की नामित डाक सेवा प्रदाता डॉयचे पोस्ट एजी के बीच आशय पत्र के रूप में हुआ।

संयुक्त आशय घोषणा पत्र पर भारत सरकार की ओर से सचिव (डाक) वंदिता कौल और जर्मनी सरकार की ओर से भारत में जर्मनी के राजदूत डॉ फिलिप अकरमैन ने हस्ताक्षर किए। वहीं, आशय पत्र पर डाक विभाग की ओर से महानिदेशक डाक सेवाएं जितेंद्र गुप्ता और डॉयचे पोस्ट एजी की ओर से इसके मुख्य कार्यकारी अधिकारी टोबियास मेयर ने हस्ताक्षर किए।

इस सहयोग के तहत डाक, एक्सप्रेस और लॉजिस्टिक्स सेवाओं में संरचित भागीदारी विकसित की जाएगी, जिसमें सीमा पार ई-कॉमर्स और समयबद्ध अंतरराष्ट्रीय डिलीवरी पर विशेष जोर होगा। समझौते में संयुक्त उत्पादों और सेवाओं के विकास, नेटवर्क कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने, अंतिम छोर तक सहयोग और पत्रों व पार्सलों के लिए द्विपक्षीय दर व्यवस्थाओं की संभावनाओं को भी शामिल किया गया है।

इसके अलावा, डिजिटलाइजेशन, परिचालन दक्षता, स्थिरता और हरित लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान पर भी सहमति बनी है। सहयोग का एक प्रमुख अपेक्षित परिणाम संयुक्त प्रीमियम अंतरराष्ट्रीय एक्सप्रेस उत्पादों की शुरुआत है, जिसमें समयबद्ध अंतरराष्ट्रीय एक्सप्रेस सेवा शामिल होगी। यह सेवा इंडिया पोस्ट की व्यापक अंतिम-मील पहुंच और डॉयचे पोस्ट–डीएचएल समूह के वैश्विक नेटवर्क का लाभ उठाएगी।

यह पहल भारत सरकार की निर्यात बढ़ाने की दृष्टि के अनुरूप है, विशेष रूप से एमएसएमई, स्टार्टअप, कारीगरों और छोटे उत्पादकों के लिए विश्वसनीय, किफायती और प्रतिस्पर्धी लॉजिस्टिक्स समाधान उपलब्ध कराने की दिशा में। अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक बेहतर पहुंच से निर्यात में वृद्धि, सेवा गुणवत्ता में सुधार और वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में भारतीय व्यवसायों की भागीदारी बढ़ने की उम्मीद है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर

Share this story