भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते पर वार्ता पूरी, संयुक्त व्यापार एजेंडा अपनाया

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भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते पर वार्ता पूरी, संयुक्त व्यापार एजेंडा अपनाया


नई दिल्ली, 27 जनवरी (हि.स.)। भारत और यूरोपीय देशों के संघ ने मंगलवार को ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते पर वार्ता पूरी की। दोनों देशों ने “टुवर्ड्स 2030: भारत-यूरोपियन यूनियन संयुक्त व्यापक रणनीतिक एजेंडा” अपनाया। मोबिलिटी पर सहयोग के लिए व्यापक फ्रेमवर्क संबंधी समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए और “सुरक्षा तथा रक्षा साझेदारी” को अंतिम रूप दिया।

भारत और ईयू के बीच हैदराबाद हाउस में आयोजित 16वीं शिखर वार्ता में आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने संबंधों के पूरे दायरे की समीक्षा की और साझेदारी को और प्रगाढ़ करने के तरीकों पर चर्चा की।

चर्चा व्यापार और आर्थिक सहयोग, स्वच्छ ऊर्जा और जलवायु कार्रवाई, एआई सहित डिजिटल और उभरती टेक्नोलॉजी, कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर, सप्लाई चेन लचीलापन, मोबिलिटी और कौशल, रिसर्च और इनोवेशन और सुरक्षा और वैश्विक मामलों में बढ़े हुए सहयोग पर केंद्रित रही।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि दोनों पक्षों ने अगले 5 वर्षों और उसके बाद की साझेदारी के लिए एक फ्रेमवर्क तैयार किया। यह हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करेंगे, व्यापार और निवेश को बढ़ावा देंगे, रोजगार पैदा करेंगे, विनिर्माण और सेवाओं को बढ़ाएंगे और विशेष रूप से छात्रों, श्रमिकों और शोधकर्ताओं के लिए आवाजाही आसान बनाएंगे। इस दौरान नेताओं ने दोहराया कि भारत-ईयू साझेदारी शांति, समृद्धि और वैश्विक भलाई के आपसी उद्देश्यों पर आधारित है।

वार्ता के बाद दोनों देशों के बीच 13 बिन्दुओं पर सहमति बनी--‘2030 की ओर: एक संयुक्त भारत-यूरोपीय संघ व्यापक रणनीतिक एजेंडा’। -भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते की बातचीत के समापन पर संयुक्त घोषणा।-आरबीआई और यूरोपीय प्रतिभूति और बाजार प्राधिकरण के बीच समझौता ज्ञापन।-उन्नत इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर और मुहरों पर प्रशासनिक व्यवस्था।-सुरक्षा और रक्षा साझेदारी।-भारत-यूरोपीय संघ सूचना सुरक्षा समझौते के लिए बातचीत शुरू करना।-गतिशीलता पर सहयोग के लिए व्यापक ढांचे पर समझौता ज्ञापन।-कौशल गतिशीलता बढ़ाने के उद्देश्य से भारत में यूरोपीय संघ पायलट कानूनी गेटवे कार्यालय स्थापित करने की घोषणा। -आपदा जोखिम प्रबंधन और आपातकालीन प्रतिक्रिया में सहयोग के संबंध में एनडीएमए और यूरोपीय नागरिक सुरक्षा और मानवीय सहायता संचालन महानिदेशालय के बीच प्रशासनिक व्यवस्था। -ग्रीन हाइड्रोजन टास्क फोर्स का गठन।-2025-2030 की अवधि के लिए वैज्ञानिक और तकनीकी सहयोग पर भारत-यूरोपीय संघ समझौते का नवीनीकरण। -भारत के होराइजन यूरोप कार्यक्रम के साथ एक एसोसिएशन समझौते में प्रवेश के लिए प्रारंभिक वार्ता शुरू करना।-डिजिटल नवाचार और कौशल केंद्र, महिलाओं और युवाओं के लिए; कृषि और खाद्य प्रणालियों में महिला किसानों को सशक्त बनाने के लिए सौर-आधारित समाधान; प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली; अफ्रीका और इंडो-पैसिफिक और कैरेबियन में छोटे द्वीप विकासशील राज्यों में सौर आधारित सतत ऊर्जा बदलाव पर भारत-यूरोपीय संघ त्रिपक्षीय सहयोग के तहत चार (4) परियोजनाओं को संयुक्त रूप से लागू करने पर समझौता।

भारत-यूरोपीय संघ का संयुक्त व्यापक रणनीतिक एजेंडाभारत और यूरोपीय संघ के बीच 27 जनवरी को नई दिल्ली में आयोजित 16वें भारत-ईयू शिखर सम्मेलन में संयुक्त व्यापक रणनीतिक एजेंडा को स्वीकृति दी गई। यह एजेंडा दोनों पक्षों की रणनीतिक साझेदारी को और व्यापक, गहन तथा समन्वित बनाने की दिशा में दूरदर्शी कार्ययोजना है। इसका उद्देश्य भारत और यूरोपीय संघ ही नहीं बल्कि वैश्विक समुदाय के लिए भी ठोस, परिवर्तनकारी और पारस्परिक रूप से लाभकारी परिणाम सुनिश्चित करना है।

विदेश मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार संयुक्त व्यापक रणनीतिक एजेंडा चार प्रमुख स्तंभों- समृद्धि एवं सततता, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार, सुरक्षा एवं रक्षा, तथा संपर्क एवं वैश्विक मुद्दों पर आधारित है, जिन्हें कौशल, गतिशीलता, संस्थागत ढांचे और जन-संपर्क जैसे सक्षमकारी उपायों से सुदृढ़ किया गया है। बीते दो दशकों से अधिक समय से चली आ रही रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाते हुए यह एजेंडा जटिल वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों में भारत और यूरोपीय संघ को विश्वसनीय, समान सोच वाले भागीदारों के रूप में प्रस्तुत करता है।

समृद्धि और सततता के तहत व्यापार-निवेश को बढ़ावा देने, मुक्त व्यापार समझौते के प्रभावी क्रियान्वयन, आपूर्ति शृंखलाओं की मजबूती, स्वच्छ ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन, जलवायु अनुकूलन, सतत कृषि और स्वास्थ्य सहयोग पर विशेष बल दिया गया है। प्रौद्योगिकी और नवाचार स्तंभ में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सेमीकंडक्टर, क्वांटम तकनीक, अंतरिक्ष, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना तथा अनुसंधान सहयोग को गति देने की योजना है।

सुरक्षा और रक्षा के क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी सहयोग, साइबर और हाइब्रिड खतरों से निपटने तथा रक्षा उद्योग सहयोग को मजबूत करने पर सहमति बनी है। वहीं, संपर्क और वैश्विक मुद्दों के तहत भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा, हरित परिवहन, वैश्विक शासन सुधार, जलवायु परिवर्तन, स्वास्थ्य सुरक्षा और मानवीय सहायता में समन्वय को प्राथमिकता दी गई है।

आज का दिन हमेशा याद रखा जाएगाः प्रधानमंत्रीप्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, “आज का दिन हमेशा याद रखा जाएगा, यह हमारे साझा इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज हो गया है। यूरोपियन काउंसिल के प्रेसिडेंट एंटोनियो कोस्टा और यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन और मुझे ऐतिहासिक भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के पूरा होने की घोषणा करते हुए बहुत खुशी हो रही है। यह हमारे संबंधों में एक मील का पत्थर है जो हमारे आर्थिक संबंधों को मजबूत करेगा, हमारे युवाओं के लिए रोजगार पैदा करेगा, हमारे व्यवसायों के लिए अवसर पैदा करेगा, साझा समृद्धि को बढ़ावा देगा, मजबूत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला बनाएगा।”

उन्होंने कहा कि दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी और चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच यह ऐतिहासिक समझौता अभूतपूर्व अवसर पैदा करने और विकास के साथ-साथ सहयोग के नए रास्ते खोलने का वादा करता है। इस समझौते से पूरे वैश्विक समुदाय को फायदा होगा। यह प्रमुख क्षेत्रों में अच्छी नौकरियां पैदा करने में मदद करेगा, हमारे युवाओं, पेशेवर प्रतिभाओं, छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए और अधिक गतिशीलता को सक्षम करेगा और डिजिटल युग की क्षमता को उजागर करेगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह नवाचार को बढ़ावा देगा और आपसी विकास के लिए आर्थिक संबंधों को मजबूत करेगा। साथ मिलकर, भारत और यूरोपीय संघ विश्वास और महत्वाकांक्षा के साथ एक समृद्ध और टिकाऊ भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं। यूरोपीय संघ के साथ यह ऐतिहासिक समझौता, जो इतिहास में भारत का सबसे बड़ा मुक्त व्यापार समझौता है, भारत के 1.4 अरब लोगों के लिए महत्वपूर्ण लाभ प्रदान करता है। यह हमारे किसानों और छोटे उद्योगों के लिए यूरोपीय बाजारों तक पहुंच को आसान बनाएगा। विनिर्माण क्षेत्र में नए अवसर पैदा करेगा। हमारे सेवा क्षेत्रों के बीच सहयोग को और मजबूत करेगा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने प्रेस वक्तव्य के समापन के बाद यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन से हाथ मिलाया और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा के साथ गले मिले।

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हिन्दुस्थान समाचार / अनूप शर्मा

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