प्रधानमंत्री मोदी की ईयू के नेताओं के साथ मुलाकात में दिखी गर्मजोशी
नई दिल्ली, 27 जनवरी (हि.स.)। भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) से पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को यहां के हैदराबाद हाउस में यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन से मुलाकात की। इस दौरान तीनों नेताओं के गर्मजोशी भरे अभिवादन ने स्पष्ट संदेश दिया। प्रधानमंत्री ने साझा तस्वीर खिंचवाते हुए दोनों यूरोपीय नेताओं के साथ हाथ उठाकर एकजुटता का प्रदर्शन किया। वहीं यूरोपीय नेताओं ने भी हाथ पर हाथ रखकर भारत-ईयू साझेदारी को नई ऊंचाई पर ले जाने का संकेत दिया।
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने मुलाकात से पहले एक्स पर कहा कि यूरोप और भारत आज इतिहास रच रहे हैं। उन्होंने इस समझौते को ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ बताते हुए कहा कि दो अरब लोगों का एक मुक्त व्यापार क्षेत्र अस्तित्व में आया है, जिससे दोनों पक्षों को लाभ होगा और यह रणनीतिक रिश्तों की मजबूती की सिर्फ शुरुआत है।
प्रधानमंत्री मोदी ने आज भारत ऊर्जा सप्ताह के चौथे संस्करण में वर्चुअल संबोधन के दौरान इस व्यापार समझौते की जानकारी दी थी। उन्होंने कहा था कि भारत और यूरोपियन संघ के बीच एक बहुत बड़ा समझौता हुआ है। दुनिया में लोग इसकी चर्चा, ‘मदर ऑफ ऑल डिल’ के रूप में कर रहे हैं।
ईयू के व्यापार और आर्थिक सुरक्षा आयुक्त मारोश शेफचोविच ने भी एक्स पर इस समझौते को अब तक का सबसे बड़ा मुक्त व्यापार समझौता बताया। उन्होंने कहा कि एक साल की कड़ी मेहनत और एक दशक से ज्यादा समय की बातचीत के बाद यह समझौता संभव हो सका है। ऊंचे टैरिफ घटेंगे और नए अवसर खुलेंगे। उन्होंने साझेदारी को इस डील की बड़ी ताकत कहा। वहीं वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इसे दुनिया के लिए एक ज़बरदस्त साझेदारी बताया।
दूसरी ओर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज नई दिल्ली में यूरोपीय आयोग की उच्च प्रतिनिधि एवं उपाध्यक्ष काजा कलास से मुलाकात की जानकारी देते हुए बताया कि वह भारत और यूरोपीय संघ के देशों के बीच और अधिक सहयोग की उम्मीद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस दौरान उन्होंने द्विपक्षीय सुरक्षा और रक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
इससे पहले यूरोपीय नेता एंटोनियो कोस्टा और उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। शांति और अहिंसा के महात्मा गांधी के आदर्श आज भी पूरी दुनिया को प्रेरणा देते हैं।
उल्लेखनीय है कि साल 2024-25 में यूरोपीय संघ के साथ भारत का द्विपक्षीय सामानों का व्यापार 136.53 बिलियन डॉलर रहा, जिसमें भारत का निर्यात 75.85 बिलियन डॉलर और आयात 60.68 बिलियन डॉलर था। सेवाओं के क्षेत्र में वर्ष 2024 में दोनों के बीच 83.10 बिलियन डॉलर का व्यापार हुआ। इसी अवधि में भारत को 15.17 बिलियन डॉलर का व्यापार अधिशेष भी मिला। यूरोपीय संघ का बाजार भारत के कुल निर्यात का करीब 17 प्रतिशत हिस्सा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर

