भारत और मिस्र रक्षा उद्योग में सहयोग बढ़ाकर साथ काम करने पर सहमत हुए

WhatsApp Channel Join Now
भारत और मिस्र रक्षा उद्योग में सहयोग बढ़ाकर साथ काम करने पर सहमत हुए

- काहिरा में हुई 11वीं संयुक्त रक्षा समिति की बैठक, रक्षा सहयोग के लिए रोडमैप तैयार

नई दिल्ली, 23 अप्रैल (हि.स.)। भारत और मिस्र के बीच काहिरा में हुई 11वीं संयुक्त रक्षा समिति (जेडीसी) की बैठक के दौरान द्विपक्षीय रक्षा सहयोग बढ़ाने के लिए बातचीत हुई। दोनों पक्ष रक्षा उद्योग में सहयोग बढ़ाने और योजना बनाकर साथ काम करने पर सहमत हुए। रक्षा उद्योग सहयोग भारत-मिस्र रक्षा संबंधों का एक अहम हिस्सा बन रहा है, जिसमें दोनों पक्ष रक्षा विनिर्माण के क्षेत्र में सहयोग के मौके तलाश रहे हैं।

भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संयुक्त सचिव (अंतरराष्ट्रीय सहयोग) अमिताभ प्रसाद ने किया और इसमें रक्षा मंत्रालय और सशस्त्र बलों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। मिस्र के प्रतिनिधिमंडल में वहां के सशस्त्र बलों और रक्षा मंत्रालय के अधिकारी शामिल हुए। दोनों पक्षों ने पिछली जेडीसी बैठक के बाद हुई प्रगति की समीक्षा की और रक्षा सहयोग के लिए एक रोडमैप तैयार किया। भारत और मिस्र 2026-27 के लिए द्विपक्षीय रक्षा सहयोग योजना पर सहमत हुए। इसका मकसद, जिसका फोकस सैन्य संपर्क तंत्र को बढ़ाना, संयुक्त प्रशिक्षण को मजबूत करना, समुद्री सुरक्षा सहयोग को बढ़ाना, सैन्य अभ्यास बढ़ाना और तकनीक बढ़ाने में सहयोग करना है।

भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय रक्षा उद्योग की तेजी से बढ़ती निर्माण क्षमताओं पर प्रस्तुति दी, जिसमें इस बात पर जोर दिया गया कि भारत का उत्पादन 20 बिलियन डॉलर को पार कर गया है और भारत 100 से ज्यादा देशों को लगभग 4 बिलियन डॉलर के उत्पादन निर्यात कर रहा है। बैठक के दौरान पहली नेवी-टू-नेवी स्टाफ टॉक्स हुई। हिंद महासागर क्षेत्र में नेविगेशन की आजादी को बढ़ावा देने में भारतीय नौसेना की भूमिका को सराहा गया और समुद्री सुरक्षा को बढ़ावा देने में भारत के इन्फॉर्मेशन सूचना संलयन केंद्र की अहम भूमिका पर जोर दिया गया।

भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने मिस्र की वायु सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल अमर अब्देल रहमान सकर से भी मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने दोनों देशों की वायु सेनाओं के बीच करीबी सहयोग के लिए कमांडर को धन्यवाद दिया। भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने हेलीपोलिस वॉर मेमोरियल पर भी माल्यार्पण करके पहले और दूसरे विश्व युद्ध के दौरान बलिदान देने वाले भारतीय बहादुरों को श्रद्धांजलि दी। इस बैठक ने दोनों देशों के बीच करीबी रिश्तों की पुष्टि की और क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता के प्रति उनके आपसी प्रतिबद्धता को मजबूत किया।

हिन्दुस्थान समाचार/सुनीत निगम

Share this story