श्रीराम का जीवन केवल श्रद्धा नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है : राज्यपाल आचार्य देवव्रत

WhatsApp Channel Join Now
श्रीराम का जीवन केवल श्रद्धा नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है : राज्यपाल आचार्य देवव्रत


गांधीनगर, 21 जून (हि.स.)। गांधीनगर स्थित गुजरात लोकभवन में राज्यपाल आचार्य देवव्रत के मार्गदर्शन में लोकभवन के इतिहास में पहली बार श्रीराम कथा का आयोजन प्रारंभ हुआ। इस आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन के प्रथम दिन सुप्रसिद्ध कथावाचक आचार्य कुलदीप महाराज ने श्रीराम कथा के महत्व, उसकी पृष्ठभूमि तथा भगवान श्रीराम के आदर्श व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला।

इस अवसर पर राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का जीवन केवल श्रद्धा और वंदन का विषय नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक श्रेष्ठ कला है। एक आदर्श पुत्र, आदर्श भाई, आदर्श पति और आदर्श शासक कैसा होना चाहिए, इसका मार्गदर्शन रामायण के विभिन्न प्रसंगों से मिलता है। उन्होंने कहा कि श्रीराम कथा केवल सुनने के लिए नहीं, बल्कि उसे जीवन में उतारने के लिए है। जब व्यक्ति श्रीराम के आदर्शों को अपनाता है, तब उसके जीवन की अनेक समस्याएं और व्यथाएं दूर हो जाती हैं।

राज्यपाल ने उपस्थित श्रद्धालुओं से कथा का अधिकतम लाभ लेने तथा उससे जीवन निर्माण की प्रेरणा प्राप्त करने का आह्वान किया।

अपने संबोधन में राज्यपाल ने कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल का आभार व्यक्त करते हुए उनकी कार्यशैली की सराहना की। उन्होंने कहा कि अत्यंत व्यस्त दिनचर्या के बावजूद मुख्यमंत्री निरंतर जनसेवा में समर्पित रहते हैं। हाल ही में ट्रेन से यात्रा कर एक गांव के विद्यालय में रात्रि विश्राम करना तथा अनुसूचित जाति के परिवार के घर भोजन ग्रहण करना उनकी सादगी और जनता के प्रति आत्मीयता का उत्कृष्ट उदाहरण है।

राज्यपाल ने कथावाचक आचार्य कुलदीप महाराज का स्वागत करते हुए उनके परिवार द्वारा भारतीय संस्कृति और वैदिक परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि 28 जून तक चलने वाली यह श्रीराम कथा श्रद्धालुओं के लिए अमृत वर्षा के समान सिद्ध होगी।

कार्यक्रम में गुजरात राज्य योग बोर्ड के अध्यक्ष शीशपाल राजपूत, विधायक बाबू पटेल, पूर्व मंत्री भूपेंद्रसिंह चूड़ासमा, गुजरात विद्यापीठ के कुलपति हर्षद पटेल, विभिन्न पदाधिकारी, जिला प्रशासन के अधिकारी, लोकभवन परिवार के सदस्य तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और भक्ति एवं उत्साह के साथ श्रीराम कथा का श्रवण किया।

--------------------

हिन्दुस्थान समाचार / यजुवेंद्र दुबे

Share this story