‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान का असर: लखनऊ के मिठाई कारोबार में दिखा सुधार, निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठानों का मिला पूरा सहयोग
यूपीएफएसडीए की जांच में सामने आया अभियान का सुखद परिणाम
पहले जहां अस्वच्छ परिस्थितियों में बन रही थीं मिठाइयां, वहीं अब खाद्य सुरक्षा मानकों के प्रति बढ़ी सजगता
विभाग ने दीपावली से पहले राजधानी के 29 प्रतिष्ठानों का किया निरीक्षण, 18 सुधार सूचनाएं जारी
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त डॉ रोशन जैकब ने लखनऊ में अभियान के प्रभाव पर जताया संतोष
लखनऊ, 27 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश में संचालित ‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान का असर अब मिठाई एवं नमकीन विनिर्माण प्रतिष्ठानों में दिखाई देने लगा है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए), उत्तर प्रदेश की ओर से लखनऊ में चलाए गए विशेष निरीक्षण अभियान के दौरान खाद्य कारोबारकर्ताओं में खाद्य सुरक्षा मानकों के प्रति बढ़ती सजगता और जांच टीमों के प्रति सहयोगात्मक रवैया देखने को मिला। पूर्व में जहां मिठाई निर्माण इकाइयों में स्वच्छता और सुरक्षित खाद्य उत्पादन को लेकर गंभीर कमियां सामने दिखी थीं, वहीं इस बार कई प्रतिष्ठानों में पहले की तुलना में सुधार परिलक्षित हुआ।
दीपावली त्यौहार के दृष्टिगत एफएसडीए की टीमों ने लखनऊ में मिठाई एवं नमकीन के प्रमुख विनिर्माण प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। कार्रवाई खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से जारी मिठाई एवं नमकीन सेक्टर की नियामक निरीक्षण मार्गदर्शिका में निर्धारित मानकों के आधार पर की गई।अभियान के तहत कुल 29 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। कमियां पाए जाने पर 18 सुधार सूचनाएं जारी की गईं, जबकि खाद्य पदार्थों के 19 नमूने संकलित किए गए। निरीक्षण में परिसर की स्वच्छता, कच्चे माल की गुणवत्ता, खाद्य पदार्थों के सुरक्षित भंडारण, खाद्य कर्मियों की व्यक्तिगत स्वच्छता, खाद्य रंगों के प्रयोग, पैकेजिंग और लाइसेंस संबंधी प्रावधानों की जांच की गई।

इन प्रतिष्ठानों की हुई जांच
निरीक्षण के दायरे में छप्पन भोग, बेटर स्टोरी, बृज गजानन भोग, सियाराम स्वीट्स, राजस्थान वाला, राज स्वीट्स, महेश, मानसरोवर, लक्ष्मीराम, केशव स्वीट्स, श्याम स्वाद, कंचन स्वीट्स, महापद्मनंद स्वीट्स, परंपरा, सुभाष डी. मिठाई, मधुरिमा, महालक्ष्मी, मोहन स्वीट्स, मोती महल, केवलम, कलेवा, राधेलाल, हेजलनट, नीलकंठ स्वीट्स, गणपत स्वीट्स, राजलक्ष्मी और आम्रपाली सहित अन्य प्रतिष्ठान शामिल रहे।
स्वच्छता से लेकर प्रतिबंधित रंगों तक की जांच
निरीक्षण के दौरान मिठाई एवं नमकीन निर्माण इकाइयों में फर्श, दीवारों, उपकरणों और बर्तनों की साफ-सफाई, पर्याप्त वेंटिलेशन, ड्रेनेज, अपशिष्ट निस्तारण तथा मक्खियों, कॉकरोच, चूहों और पक्षियों से बचाव की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया। दूध, मावा, छेना, बेसन, मैदा, चीनी, तेल, घी, मेवे और मसालों की गुणवत्ता के साथ कच्चे एवं तैयार खाद्य पदार्थों के पृथक भंडारण तथा जल्दी खराब होने वाली सामग्री को उपयुक्त तापमान पर रखने की व्यवस्था भी जांची गई। मिठाइयों और नमकीन में अनुमन्य खाद्य रंगों एवं योजकों के प्रयोग, प्रतिबंधित औद्योगिक रंगों जैसे रोडामाइन-बी और मेटानिल येलो की संभावित मौजूदगी तथा तलने वाले तेल की गुणवत्ता की जांच की गई। इसके अलावा खाद्य पदार्थों की शेल्फ लाइफ, मिठाइयों पर ‘बेस्ट बिफोर’ और ‘यूज बाय’ तिथि की जानकारी, चांदी के वर्क की गुणवत्ता और पैकेजिंग सामग्री के मानकों का भी परीक्षण किया गया। खाद्य कारोबारकर्ताओं के एफएसएसएआई लाइसेंस, कच्चे माल की खरीद के बिल, आपूर्तिकर्ताओं का विवरण, पेयजल की गुणवत्ता, खाद्य कर्मियों के मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र और आवश्यक अभिलेखों की भी जांच की गई।

कमियां मिलने पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान महेश नमकीन प्राइवेट लिमिटेड, नादरगंज की मिठाई निर्माण इकाई में सफाई की स्थिति बेहतर पाई गई, लेकिन नमकीन निर्माण क्षेत्र में साफ-सफाई और भंडारण संबंधी कमियां मिलीं। परिसर में कबूतरों और जालों की मौजूदगी भी पाई गई। इसके मद्देनजर आवश्यक सुधार होने तक नमकीन निर्माण कार्य प्रतिबंधित किया गया है। मानकों के अनुरूप सुधार के बाद ही उत्पादन दोबारा शुरू किया जा सकेगा। वहीं, गायत्री मिष्ठान भंडार, आशियाना में ड्रेनेज सिस्टम और फर्श की सफाई संतोषजनक नहीं पाई गई। प्रतिष्ठान को इन कमियों में सुधार के लिए सूचना जारी की जा रही है।
खुदरा दुकानों पर भी खाद्य सुरक्षा मानकों की निगरानी
अभियान के अंतर्गत खुदरा प्रतिष्ठानों में मिठाइयों पर ‘यूज बाय’ तिथि प्रदर्शित करने और पैकेजिंग सामग्री से संबंधित नियमों के अनुपालन की भी जांच की गई। निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों के सुरक्षित रखरखाव, कच्चे एवं पके हुए खाद्य पदार्थों को अलग रखने, दूध एवं दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता और निर्धारित तापमान पर भंडारण जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी ध्यान दिया गया। विभागीय निरीक्षण में इन बिंदुओं सहित कई अन्य नियामक प्रावधानों के अनुपालन में पहले की तुलना में सुधार दिखाई दिया। इससे स्पष्ट होता है कि नियमित निगरानी, निरीक्षण और सुधारात्मक कार्रवाई के माध्यम से खाद्य कारोबारकर्ताओं को सुरक्षित खाद्य उत्पादन के प्रति अधिक जिम्मेदार बनाने का प्रयास प्रभावी हो रहा है।
‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान के सकारात्मक परिणाम: डॉ रोशन जैकब
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की सचिव एवं आयुक्त डॉ रोशन जैकब ने लखनऊ में अभियान के प्रभाव पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि पहले हलवाई प्रतिष्ठानों के निरीक्षण के दौरान बेहद खराब परिस्थितियां देखने को मिली थीं। कई स्थानों पर पानी बहने, हाइजीन, स्वच्छता की कमी और संक्रामक बीमारियों से संबंधित स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों के अभाव जैसी समस्याएं सामने आई थीं। अब इन परिस्थितियों में काफी सुधार हुआ है। खाद्य कारोबारकर्ताओं में स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों के प्रति जागरूकता बढ़ी है, जो ‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान की सकारात्मक परिणति है। डॉ रोशन जैकब के अनुसार, इस बार लखनऊ में निरीक्षण के दौरान माहौल भी पहले की तुलना में अधिक सहयोगात्मक रहा। बड़े प्रतिष्ठानों सहित विभिन्न इकाइयों में जांच टीमों को सहयोग मिला और खाद्य कारोबारकर्ताओं ने निरीक्षण में सक्रिय भागीदारी की। यह बदलाव दर्शाता है कि खाद्य सुरक्षा को केवल विभागीय कार्रवाई तक सीमित रखने के बजाय कारोबारकर्ताओं की जिम्मेदारी और जनभागीदारी से जोड़ने के प्रयास प्रभावी हो रहे हैं।
जनहित में खाद्य सुरक्षा की दिशा में सकारात्मक कदम
‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान का उद्देश्य केवल अनियमितताओं पर कार्रवाई करना नहीं, बल्कि खाद्य कारोबारकर्ताओं में स्वच्छता, गुणवत्ता और सुरक्षित खाद्य उत्पादन की स्थायी संस्कृति विकसित करना भी है। लखनऊ में निरीक्षण के दौरान सामने आया सुधार और टीमों को मिला सहयोग इसी दिशा में महत्वपूर्ण संकेत है।दीपावली जैसे प्रमुख त्योहार पर मिठाइयों और नमकीन की मांग बढ़ने के बीच यह पहल उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

