आईआईआईडीईएम का 15वां स्थापना दिवस, क्षमता निर्माण पर दो दिवसीय सम्मेलन आयोजित

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आईआईआईडीईएम का 15वां स्थापना दिवस, क्षमता निर्माण पर दो दिवसीय सम्मेलन आयोजित


नई दिल्ली, 17 जून (हि.स.)। इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट (आईआईआईडीईएम) आज अपना 15वां स्थापना दिवस मना रहा है। इस मौके पर संस्थान की ओर से 16-17 जून को नई दिल्ली में क्षमता निर्माण और रणनीतिक रोडमैप पर दो दिवसीय सम्मेलन आयोजित किया गया।

समापन सत्र के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सेवा के 15 साल पूरे करने पर संस्थान की टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनावों के दौरान संस्थान ने लगभग 1.8 करोड़ अधिकारियों को प्रशिक्षित करने की जिम्मेदारी निभाई।

उल्लेखनीय है कि 2011 से आईआईआईडीईएम ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 1,20,883 प्रतिभागियों तक पहुंचते हुए 1,885 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए हैं। इनमें ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरह के कार्यक्रम शामिल हैं। आईआईआईडीईएम की अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण पहुँच 142 देशों तक है।

आयोग के अनुसार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय भागीदारों के सहयोग से संस्थान दुनिया भर में लोकतांत्रिक शासन और चुनाव प्रबंधन को मजबूत करने में योगदान देता है।

दो दिवसीय सम्मेलन में 450 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। इनमें 250 राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर, शैक्षणिक भागीदार, आईआईआईडीईएम के 80 प्रतिभागी और आयोग के 30 अधिकारी शामिल थे। साथ ही सीईओ दिल्ली के 100 बीएलओ सुपरवाइजर भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

भारत ‘इंटरनेशनल आईडीईए’ की अध्यक्षता कर रहा है। चुनाव आयुक्त डॉ. विवेक जोशी ने कहा कि आईआईआईडीईएम भारत की अध्यक्षता के बाद भी वैश्विक स्तर के चुनाव प्रबंधन के लिए एक प्रशिक्षण संस्थान के रूप में काम करना जारी रख सकता है।

आईआईआईडीईएम के महानिदेशक राकेश वर्मा ने अपने उद्घाटन भाषण में कहा कि आईआईआईडीईएम चुनाव प्रबंधन में प्रशिक्षण के लिए एक अनूठा संस्थान है। यह भारतीय चुनाव कराने का व्यापक अनुभव रखने वाले लोगों को शिक्षाविदों और शोधकर्ताओं के साथ एक मंच पर लाता है। यह आपसी ज्ञान निर्माण और साझाकरण सुनिश्चित करता है।

सम्मेलन चार रणनीतिक स्तंभों पर केंद्रित था : राष्ट्रीय कार्यक्रमों को मजबूत करना, वैश्विक कार्यक्रमों और जुड़ाव का विस्तार करना, अनुसंधान और ज्ञान विकास को प्रोत्साहित करना, और टिकाऊ लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन को बढ़ावा देना।

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हिन्दुस्थान समाचार / अनूप शर्मा

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