अनुशासन, नियमों का सम्मान और राष्ट्र-प्रथम का संकल्प ही प्रधानमंत्री मोदी के व्यक्तित्व का मूल आधार : अर्जुन राम मेघवाल
नई दिल्ली, 17 सितंबर (हि.स.)। केंद्रीय विधि, न्याय एवं संसदीय कार्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने गुरुवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जीवन के कई प्रसंग यह स्पष्ट करते हैं कि उनके स्वभाव में अनुशासन, नियमों का सम्मान और राष्ट्र-प्रथम का भाव हमेशा से रचा-बसा रहा है।
केन्द्रीय मंत्री मेघवाल ने आज दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस पर आयोजित पुस्तक 'मोदी कथा' लोकार्पण कार्यक्रम में यह बात कही। इस पुस्तक के लेखक डॉ. हरीश चंद्र बर्णवाल हैं और प्रभात प्रकाशन ने प्रकाशित की है।
संसदीय मर्यादा का जिक्र करते हुए मेघवाल ने 2018 की एक घटना बताई। उन्होंने कहा,राज्यसभा में चुनाव की प्रक्रिया के दौरान प्रधानमंत्री को सदन में आना था। प्रक्रिया में विवाद होने के कारण जब देरी हुई, तो अधिकारियों और विपक्षी नेताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री होने के नाते वे अंदर आकर बैठ सकते हैं। इस पर नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट कहा था 'मैं लोकसभा का सदस्य हूँ, राज्यसभा का नहीं। अगर नियमों में लिखा है कि गैर-सदस्य चुनाव प्रक्रिया के दौरान बैठ सकता है तभी मैं अंदर आऊँगा, मैं नियम नहीं तोडूंगा।' वे करीब 25 से 30 मिनट तक बाहर लॉबी में ही बैठे रहे और प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही अंदर गए।
मेघवाल ने एक और घटना का जिक्र किया कि बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद चूरू रैली के दौरान प्रधानमंत्री मोदी रातभर नहीं सोये। उन्होंने मेघवाल से कहा था कि देश को संदेश देना जरूरी था।
इसके बाद उन्होंने चूरू की सभा में लाखों लोगों के बीच ये पंक्तियाँ कही थीं, “सौगंध मुझे इस मिट्टी की, मैं देश नहीं मिटने दूंगा। मैं देश नहीं झुकने दूंगा, मैं देश नहीं रुकने दूंगा।”
लेखक ने कहा कि यह किताब केवल राजनीतिक पहलुओं पर नहीं बल्कि मोदी जी की संजीदगी, आत्मीयता और मानवीय संवेदनाओं पर केंद्रित है।
इस कार्यक्रम की अध्यक्षता आईजीएनसीए के अध्यक्ष एवं हिन्दुस्थान समाचार के समूह संपादक रामबहादुर राय ने की।
इस मौके पर विशिष्ट अतिथि के रूप में वरिष्ठ पत्रकार सईद अंसारी और वरिष्ठ पत्रकार चित्रा त्रिपाठी, आईजीएनसीए के सदस्य सचिव प्रो. सच्चिदानंद जोशी सहित अन्य अतिथिगण मौजूद रहे।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी

