एच1एन1 को लेकर सरकार की निगरानी तेज, घबराने की जरूरत नहीं: आईसीएमआर

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एच1एन1 को लेकर सरकार की निगरानी तेज, घबराने की जरूरत नहीं: आईसीएमआर


नई दिल्ली, 25 अगस्त (हि.स.)। देश में मौसमी इन्फ्लुएंजा के बढ़ते मामलों के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय, स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग (डीएचआर), भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर ) और राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

आईसीएमआर के महानिदेशक और डीएचआर सचिव डॉ. राजीव बहल ने मंगलवार को कहा कि मौजूदा स्थिति में घबराने की जरूरत नहीं है।

देश में फैल रहे इन्फ्लुएंजा वायरस हाल के वर्षों में देखे गए मौसमी पैटर्न के अनुरूप हैं। 73 डीएचआर-आईसीएमआर वायरस रिसर्च एंड डायग्नोस्टिक लैबोरेटरीज के नेटवर्क के जरिए वायरस की जीनोमिक और महामारी संबंधी निगरानी की जा रही है। जांच में भारत में फैल रहे एच1एन1 वायरस को ए/मिसौरी /11/2025 पीडीएम 09-like वायरस के रूप में पहचाना गया है। इसके हेमाग्लुटिनिन जीन के विश्लेषण में इसे क्लेड 6बी.1ए.5ए2ए, सबक्लेड डी.3.1.1 में रखा गया है।

डॉ. राजीव बहल के अनुसार, यह वायरस वंशावली भारत में साल 2025 से लगातार प्रसारित हो रही है। वायरस में पाए गए आनुवंशिक बदलाव सामान्य मौसमी बदलाव हैं, जिन्हें एंटीजेनिक ड्रिफ्ट कहा जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि इन बदलावों से किसी नए या अधिक खतरनाक वायरस के उभरने का संकेत नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि ज़्यादातर लोगों में, सही देखभाल, भरपूर आराम और शरीर में पानी की सही मात्रा बनाए रखने से लक्षण बेहतर हो जाते हैं। सिर्फ़ एच1एन1 होने का मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति को गंभीर बीमारी हो जाएगी या उसे अस्पताल में भर्ती होने की ज़रूरत पड़ेगी।

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, मौसमी इन्फ्लुएंजा, जिसमें एच1एन1 भी शामिल है, स्वस्थ लोगों में आमतौर पर हल्का और स्व-सीमित संक्रमण होता है। इसके प्रमुख लक्षणों में बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, शरीर में दर्द और थकान शामिल हैं।

हालांकि, बुजुर्गों, छोटे बच्चों, पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले व्यक्तियों में जटिलताओं का खतरा अधिक हो सकता है। ऐसे लोगों को फ्लू जैसे लक्षण होने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह दी गई है।

लोगों से सावधानी बरतने की अपील

सरकार ने लोगों को खांसते या छींकते समय मुंह और नाक ढंकने, नियमित रूप से हाथ धोने, बीमार होने पर घर पर रहने, पर्याप्त पानी पीने और आराम की सलाह दी है।

साथ ही लोगों को बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीवायरल या एंटीबायोटिक दवाएं नहीं लेने को कहा गया है।

सरकार ने कहा है कि इन्फ्लुएंजा की गतिविधि, वायरस के प्रकार और बीमारी की गंभीरता में होने वाले बदलावों की लगातार निगरानी जारी रहेगी। मौजूदा सबूतों के आधार पर वायरस के व्यवहार में कोई असामान्य बदलाव या किसी नई स्ट्रेन के उभरने के संकेत नहीं हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

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