सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का राष्ट्रीय सम्मेलन, केंद्र-राज्य समन्वय की मजबूती पर जोर

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सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का राष्ट्रीय सम्मेलन, केंद्र-राज्य समन्वय की मजबूती पर जोर


नई दिल्ली, 25 अगस्त (हि.स.)। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने मंगलवार को नई दिल्ली में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के सूचना एवं जनसंपर्क विभागों के सचिवों के साथ राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया। सम्मेलन में मीडिया, प्रसारण, सूचना एवं जनसंपर्क और क्रिएटिव इकोनॉमी से जुड़े मुद्दों पर केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय मजबूत करने पर चर्चा हुई।

सम्मेलन की अध्यक्षता सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव चंचल कुमार ने की।

इस मौके पर सचिव चंचल कुमार ने कहा कि भारत की क्रिएटिव इकोनॉमी में रोजगार और निवेश बढ़ाने के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर देश का प्रभाव मजबूत करने की बड़ी क्षमता है। इसके लिए केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर और व्यवस्थित सहयोग जरूरी है।

उन्होंने कहा कि हर राज्य की सांस्कृतिक विरासत, स्थानीय प्रतिभा और संस्थागत क्षमता अलग है इसलिए क्रिएटिव इकोनॉमी के विकास के लिए भी एक-सा मॉडल लागू नहीं किया जा सकता। बल्कि नए-नए विचारों पर काम करना चाहिए।

प्रधानमंत्री के क्रिएटिव इकॉनमी, 'सप्तधारा' का जिक्र करते हुए चंचल कुमार ने कहा कि भारत की विशाल क्रिएटिव क्षमता का लाभ उठाने और जनसंचार को मज़बूत करने के लिए केंद्र और राज्यों के बीच और अधिक मज़बूत और व्यवस्थित सहयोग जरुरी है।

इस सम्मेलन में वेव्स 2027, वेव्स बाजार , वेव्एक्स और क्रिएट इन इंडिया चैलेंज जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए देशभर के क्रिएटर्स और स्टार्टअप्स को बाजार, निवेश, तकनीक और वैश्विक साझेदारियों से जोड़ने पर चर्चा हुई।

इसके अलावा फिल्म शूटिंग और लाइव इवेंट्स की अनुमति के लिए इंडियन सीने हब (आईसीएच ) के सिंगल-विंडो पोर्टल को अपनाने तथा आईसीएच और फिल्म फेसिलीटेशन दफ्तर के बीच एकीकरण पर भी विचार किया गया।

मंत्रालय ने पीआईबी के क्षेत्रीय कार्यालयों, राज्यों के सूचना एवं जनसंपर्क विभागों और दूरदर्शन-आकाशवाणी की क्षेत्रीय इकाइयों के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत बताई। इसका उद्देश्य राज्यों से जुड़े मुद्दों और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप कंटेंट और जनसंपर्क को मजबूत करना है।

सम्मेलन में पब्लिक सर्विस ब्रॉडकास्टिंग के विस्तार, राज्य-विशेष कार्यक्रमों, कंटेंट को-प्रोडक्शन और जन-जागरूकता गतिविधियों को बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।

डीआईपीआर अधिकारियों के प्रशिक्षण के लिए आईआईएमसी की प्रशिक्षण सुविधाओं का उपयोग करने, प्रेस एवं प्रकाशन क्षेत्र में पीआरपी एक्ट, 2023 के तहत डिजिटल व्यवस्था लागू करने और प्रेस सेवा पोर्टल को मजबूत करने पर भी विचार-विमर्श हुआ।

मंत्रालय ने राज्यों से नई पहल और साझेदारी के प्रस्ताव आगे बढ़ाने का आह्वान किया। सम्मेलन में राज्यों और केंद्र के अधिकारियों ने क्रिएटिव इकोनॉमी को बढ़ावा देने और सार्वजनिक संचार व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

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