खजुराहो और ओरछा में होली की रंगत: देशी-विदेशी पर्यटक रंगों और उमंग में हुए सराबोर

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खजुराहो और ओरछा में होली की रंगत: देशी-विदेशी पर्यटक रंगों और उमंग में हुए सराबोर


भोपाल, 04 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड की ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहरों से समृद्ध नगरी छतरपुर जिले की खजुराहो और निवाड़ी जिले की ओरछा में इस वर्ष होली का पर्व पूरे उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया।

रंगों के इस पर्व ने स्थानीय लोगों के चेहरों पर मुस्कान बिखेेेरने के साथ ही देश-विदेश से आए पर्यटकों को भी भारतीय संस्कृति की अनोखी झलक दिखाई। मंदिरों की घंटियों, ढोल-नगाड़ों की गूंज और उड़ते गुलाल के बीच होली का रंग ऐसा चढ़ा कि हर कोई इस उत्सव में सराबोर नजर आया।

निवाड़ी जिले की विश्वप्रसिद्ध पर्यटन नगरी ओरछा में होली का माहौल देखते ही बन रहा था। प्राचीन मंदिरों और ऐतिहासिक इमारतों के बीच रंगों की बौछार ने पूरे शहर को उत्सव के रंग में रंग दिया। विशेष रूप से भगवान रामराजा मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ी। मंदिर के आसपास ढोल और नगाड़ों की थाप पर लोग नाचते-गाते नजर आए। श्रद्धालु एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दे रहे थे। इस दौरान विदेशी पर्यटक भी भारतीयों के साथ घुलमिल कर रंग खेलते दिखाई दिए। किसी के हाथ में गुलाल था, तो कोई ढोल की थाप पर थिरक रहा था। पूरा वातावरण उल्लास, भाईचारे और आनंद से भर गया।

वहीं, विश्वविख्यात पर्यटन स्थल खजुराहो में भी होली का रंग सुबह से ही चढ़ गया था। यहां वेस्टर्न ग्रुप ऑफ मोनुमेंट्स के मुख्य द्वार के पास पर्यटकों और स्थानीय लोगों ने जमकर होली खेली। रंग-गुलाल से सराबोर लोग एक-दूसरे के साथ खुशियां साझा करते दिखाई दिए। विदेशी सैलानियों ने भी भारतीय अंदाज में होली का भरपूर आनंद लिया। रंगों की बौछार, ढोल की धुन और चारों ओर गूंजते “होली है” के स्वर ने माहौल को और भी जीवंत बना दिया।

खास बात यह रही कि इस उत्सव में ऑस्ट्रेलिया और इटली सहित कई देशों से आए पर्यटक भी पूरी तरह भारतीय रंग में रंगे नजर आए। उन्होंने खुले दिल से रंग खेला, नृत्य किया और इस त्योहार की मस्ती में डूब गए।

विदेशी पर्यटकों का कहना था कि उन्होंने दुनिया के कई देशों की यात्रा की है, लेकिन भारत की होली जैसा उत्सव कहीं देखने को नहीं मिला। उनके अनुसार, यह केवल रंगों का त्योहार नहीं बल्कि लोगों के दिलों को जोड़ने वाला पर्व है, जिसमें हर व्यक्ति बिना किसी भेदभाव के एक-दूसरे के साथ खुशियां बांटता है।

कुछ विदेशी पर्यटकों ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह उनके जीवन की पहली भारतीय होली है और यह अनुभव बेहद यादगार रहा। उन्होंने बताया कि यहां का माहौल बहुत ही उत्साहपूर्ण और जीवंत है। रंग, संगीत, नृत्य और लोगों का अपनापन सब कुछ उन्हें बेहद आकर्षक लगा। उनके अनुसार, भारत में त्योहार सिर्फ परंपरा नहीं बल्कि जीवन का उत्सव हैं, जिन्हें लोग पूरे दिल से मनाते हैं।

खजुराहो और ओरछा में होली के दौरान देखने को मिला कि रंगों का यह त्योहार सचमुच सीमाओं को मिटा देता है। भाषा, संस्कृति और देश की दूरियां यहां आकर जैसे खत्म हो जाती हैं। विदेशी मेहमान भारतीयों के साथ मिलकर उसी उत्साह से रंग खेलते नजर आए, मानो वे भी इस परंपरा का हिस्सा हों।

उल्लेखनीय है कि ओरछा हर साल होली, दीपावली और नए साल के अवसर पर बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करता है। यह नगरी धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य का अनूठा संगम है। भव्य मंदिर, प्राचीन महल और शांत बहती बेतवा नदी यहां आने वाले पर्यटकों को एक अलग ही अनुभव प्रदान करते हैं।

इसी तरह खजुराहो अपने विश्वप्रसिद्ध मंदिरों और अद्वितीय स्थापत्य कला के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध है। यहां आने वाले पर्यटक इतिहास और कला की झलक देखते हैं, साथ ही वे भारतीय संस्कृति और त्योहारों की जीवंतता को भी करीब से महसूस करते हैं।--------------

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. मयंक चतुर्वेदी

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