हरियाणा राज्यसभा चुनाव में हस्तक्षेप का आरोप, खरगे ने आयोग को लिखा पत्र, की निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग

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हरियाणा राज्यसभा चुनाव में हस्तक्षेप का आरोप, खरगे ने आयोग को लिखा पत्र, की निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग


हरियाणा राज्यसभा चुनाव में हस्तक्षेप का आरोप, खरगे ने आयोग को लिखा पत्र, की निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग


नई दिल्ली, 16 मार्च (हि.स.)। देश के 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों पर चुनावी प्रक्रिया जारी है। इनमें से 26 उम्मीदवार निर्विरोध चुने जा चुके हैं। इसी बीच हरियाणा की एक सीट पर विवाद को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

खरगे ने आयोग को लिखे पत्र में कहा कि हरियाणा से राज्यसभा चुनाव में हस्तक्षेप की कोशिश की जा रही है। चुनाव की निष्पक्षता और पारदर्शिता को प्रभावित करने का प्रयास हो रहा है। ऐसे में निर्वाचन आयोग को तुरंत दखल देना चाहिए और चुनाव प्रक्रिया की पवित्रता सुनिश्चित करनी चाहिए।

खरगे ने कहा कि इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल आयोग से मिलने का समय चाहता है। यह प्रतिनिधिमंडल वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी के नेतृत्व में आयोग से मुलाकात करेगा और पूरे मामले से अवगत कराएगा।

इससे पहले हरियाणा से कांग्रेस के राज्यसभा उम्मीदवार करमवीर सिंह बौद्ध ने भी निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर चुनाव प्रक्रिया में पक्षपात का आरोप लगाया है।

बौद्ध ने अपने पत्र में कहा है कि राज्यसभा चुनाव 2026 के दौरान रिटर्निंग ऑफिसर पंकज अग्रवाल का आचरण पक्षपातपूर्ण रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि रिटर्निंग ऑफिसर ने कांग्रेस के दो विधायकों के खिलाफ मतदान की गोपनीयता के कथित उल्लंघन की शिकायत को अवैध रूप से स्वीकार किया।

उन्होंने कहा कि दोनों विधायक अपना मत पहले ही डाल चुके थे और उस समय किसी ने कोई आपत्ति नहीं उठाई थी। इसके बावजूद मामले में कार्रवाई शुरू की गई।

बौद्ध ने कहा कि घटना के वीडियो फुटेज की साधारण जांच से ही शिकायतों की सच्चाई सामने आ सकती है। जब कांग्रेस उम्मीदवार और उनके चुनाव एजेंट ने वीडियो फुटेज सुरक्षित रखने की मांग की तो रिटर्निंग ऑफिसर ने इसे उपलब्ध कराने से इनकार कर दिया।

बौद्ध ने निर्वाचन आयोग से मांग की है कि कथित शिकायतों से संबंधित पूरा रिकॉर्ड और वीडियो फुटेज तत्काल मंगाया जाए, ताकि मामले में निष्पक्ष निर्णय लिया जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर

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