उत्तर प्रदेश में बड़े धूमधाम से मनाई जाती है हरतालिका तीज, जानें क्या होता है यहां खास?


 
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उत्तर प्रदेश में हरतालिका तीज का त्योहार महिलाओं के लिए सबसे खास त्योहार में से एक है। सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए इस दिन व्रत रखती हैं। अलग-अलग जिलों और इलाकों में तीज की तैयारी, पूजा और त्योहार से जुड़े रीति-रिवाजों में थोड़ा फर्क देखने को मिलता है। आज के इस आर्टिकल में हम आपको विस्तार से बताएंगे कि उत्तर प्रदेश में हरतालिका तीज का पर्व किस तरह से मनाया जाता है।

कानपुर में श्रृंगार और रस्मों के साथ मनाया जाता है तीज का पर्व

कानपुर और आसपास के शहरी इलाकों में हरतालिका तीज का महत्व बहुत ज्यादा है। इस दिन महिलाएं सुबह से व्रत की तैयारी करने में लग जाती हैं। शादीशुदा महिलाएं इस दिन साड़ी या पारंपरिक कपड़े पहनकर तैयार होती हैं। वह साज-सज्जा, मेहंदी, चूड़ी, बिंदी और सोलह श्रृंगार करती हैं। कई महिलाएं कानपुर में भी निर्जला व्रत करती हैं।

Teej festival rituals

उत्तर प्रदेश में हरतालिका तीज का व्रत कैसे मनाते हैं?

इस दिन महिलाएं सुबह जल्दी उठकर स्नान करती हैं और सोलह श्रृंगार करती हैं।
पूजन सामग्री के लिए केले के पत्तों से मंडप सजाकर शिव-पार्वती का विधि-विधान से पूजन करती है।
ज्यादातर महिलाएं बालू या काली मिट्टी से भगवान शिव, माता पार्वती और गणेश जी की मूर्तियां हाथों से बनाती है और पूजा करती हैं।
इस व्रत में रातभर जागकर भजन-कीर्तन करने और कथा भी सुनी जाती है।

बुंदेलखंड क्षेत्र में तीजा के रूप में भी दिखती है परंपरा

उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड के इलाकों में भी तीज के त्योहार का अपना रंग दिखाई देता है। यहां महिलाएं एक साथ मिलकर तीज का पर्व मनाती हैं। तीज के गीत, पारंपरिक श्रृंगार और परिवार की महिलाओं के साथ मिलकर यह त्योहार मनाया जाता है। कई जगह तीज को स्थानीय बोलचाल में तीजा भी कहा जाता है। अगर आप तीज के त्योहार का असली महत्व देखना चाहते हैं, तो आपको उत्तर प्रदेश के मंदिरों में दर्शन करने जाना चाहिए।

Uttar Pradesh Teej

Varanasi में धूमधाम से मनाया जाता है पर्व

हरतालिका तीज के दिन काशी के मंदिरों में आपको अलग माहौल देखने को मिलेगा। इस दिन भक्तों की मंगला गौरी मंदिर में सुबह से ही भीड़ देखने को मिलती है। माता गौरी का खूबसूरत श्रृंगार किया जाता है। भक्त दूर-दूर से माता के दर्शन के लिए आते हैँ। माना जाता है कि इस खास मौके पर सुहागिन महिलाएं अपने पति के साथ मंदिर में आर्शीवाद लेने के लिए पहुंचती हैं।

निष्कर्ष- इससे आप समझ गए होंगे कि उत्तर प्रदेश में हरतालिका तीज का पर्व बेहद खास तरीके से मनाया जाता है। यहां महिलाओं के लिए यह पर्व खास महत्व रखता है।

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