प्रधानमंत्री से माफी मांगें खरगे, नहीं तो जनविरोध के लिए तैयार रहें : हर्ष मल्होत्रा
नई दिल्ली, 10 अक्टूबर (हि.स.)। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के केंद्र की भाजपा-नीत सरकार को लेकर दिए गए बयान की निंदा करते हुए उनसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से माफी मांगने की मांग की है।
मल्होत्रा ने शनिवार को यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि खरगे का यह कहना कि ''वे डरे हुए हैं और जो आदमी डरता है, वह आज नहीं तो कल मरता है'' निंदनीय है। खरगे को अपने बयान के लिए तुरंत माफी मांगनी चाहिए, अन्यथा उन्हें जनता के विरोध का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष अक्सर भाजपा सरकार और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ अमर्यादित भाषा का प्रयोग करते हैं, जबकि भाजपा के नेता, कांग्रेस अध्यक्ष खरगे की उम्र का लिहाज करते हुए उनके लिए कभी गलत शब्दों का इस्तेमाल नहीं करते।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार को डरने वाला बताने वाले खरगे को यह भी बताना चाहिए कि यदि आंदोलनों से निपटने की तैयारी करना सरकार का डरना है, तो कांग्रेस के शासनकाल में हुए घटनाक्रमों को क्या कहा जाएगा। उन्होंने वर्ष 1966 में गोहत्या के विरोध में हुए आंदोलन पर गोली चलाए जाने, देश में आपातकाल लगाए जाने और वर्ष 1988 में राजपथ पर किसान आंदोलन के दौरान गोली चलाए जाने का उल्लेख किया।
मल्होत्रा ने वर्ष 1990 और 1993 में विश्व हिंदू परिषद के आह्वान पर राजपथ की ओर जाने वाले कारसेवकों को रोकने के लिए कांटेदार तार लगाने, आंसू गैस छोड़ने और लाठीचार्ज किए जाने का भी जिक्र किया। उन्होंने सवाल किया कि यदि आज आंदोलन से निपटने के लिए व्यवस्था करना सरकार का डरना है, तो कांग्रेस सरकार अपने कार्यकाल में बार-बार आंदोलनों पर कार्रवाई क्यों करती रही?
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी

