ओशो धाम में गुरु पूर्णिमा पर ध्यान, संगीत और मेडिटेटिव आर्ट प्रदर्शनी का आयोजन

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ओशो धाम में गुरु पूर्णिमा पर ध्यान, संगीत और मेडिटेटिव आर्ट प्रदर्शनी का आयोजन


नई दिल्ली, 29 जुलाई (हि.स.)। दिल्ली के नजफगढ़ में झटिकरा रोड स्थित ओशो धाम परिसर में बुधवार को गुरु पूर्णिमा का पर्व ध्यान, संगीत, सत्संग और आध्यात्मिक चिंतन के साथ धूमधाम से मनाया गया।

इस अवसर पर देश-विदेश से आए साधकों और कला प्रेमियों ने मौन व जागरूकता के माध्यम से गुरु की शाश्वत उपस्थिति का सम्मान किया।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण 'मां आनंद भक्ति' की मेडिटेटिव आर्ट प्रदर्शनी का उद्घाटन रहा, जिसमें 18 ध्यान केंद्रित मंडला और अमूर्त पेंटिंग प्रदर्शित की गईं। इस प्रदर्शनी का शुभारंभ ओशो के वरिष्ठ शिष्यों माँ धर्म ज्योति और स्वामी चैतन्य कीर्ति ने किया।

ओशो वर्ल्ड फाउंडेशन के प्रबंध न्यासी और ओशो धाम के संरक्षक स्वामी अतुल आनंद ने कहा कि गुरु पूर्णिमा स्वयं के भीतर उतरने और सद्गुरु के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है। यह कला प्रदर्शनी ओशो के उस दृष्टिकोण को जीवंत करती है, जहां ध्यान केवल मौन में ही नहीं बल्कि रचनात्मकता और अभिव्यक्ति में भी झलकता है।

आनंद भक्ति ने कहा कि उनके लिए कला बनाई नहीं जाती बल्कि स्वीकार की जाती है। जब मन शांत होता है, तो भावनाएं खुद-ब-खुद कैनवस पर उतर आती हैं। धर्म ज्योति ने कहा कि ये पेंटिंग उस शांति और जागरूकता को खूबसूरती से दर्शाती हैं जिसे ओशो ने हमें अपने भीतर खोजने के लिए प्रेरित किया।

चैतन्य कीर्ति ने कहा कि जब कला मन के बजाय शांति से उपजती है, तो उसमें ध्यान बनने की शक्ति होती है। यह कला प्रदर्शनी ओशो धाम में 30 अगस्त, 2026 तक आगंतुकों के लिए खुली रहेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी

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