मप्र में निकली भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा, रूस-अमेरिका से आए भक्त भी हुए शामिल
- 'हरे कृष्ण' के जयघोष और बारिश के बीच उमड़ा आस्था का सैलाब
भोपाल, 18 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शनिवार शाम रिमझिम बारिश के बीच भगवान जगन्नाथ, भाई बलराम और बहन सुभद्रा की भव्य रथयात्रा श्रद्धा और उल्लास के साथ निकाली गई। इस आध्यात्मिक समागम में देश-प्रदेश ही नहीं, बल्कि रूस और अमेरिका जैसे देशों से आए विदेशी श्रद्धालु भी सनातन संस्कृति के रंग में रंगे नजर आए।
राजधानी के हमीदिया रोड से शनिवार शाम जैसे ही भगवान जगन्नाथ का रथ आगे बढ़ा, पूरा माहौल हरे कृष्ण, हरे कृष्ण के महामंत्र और पारंपरिक भक्ति गीतों से गुंजायमान हो गया। इस बार की रथयात्रा का मुख्य आकर्षण ओडिशा के पुरी स्थित प्रसिद्ध नंदीघोष रथ की तर्ज पर तैयार किया गया विशेष रथ रहा, जिसकी ऊंचाई लगभग 27 फीट, चौड़ाई 13 फीट और लंबाई 17.5 फीट थी। इस भव्य और सुसज्जित रथ को खींचने के लिए बारिश के बावजूद हजारों श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा।
झांझ-मंजीरों की थाप पर जगह-जगह हुआ नृत्य
पारंपरिक परिधानों में सजे महिला, पुरुष और बच्चे झांझ-मंजीरों की थाप पर जगह-जगह नृत्य करते हुए भगवान के दर्शन कर रहे थे। इस पावन अवसर पर इस्कॉन रूस के वरिष्ठ प्रचारक द्विजमणि प्रभु भी विशेष रूप से शामिल हुए, जिन्होंने उपस्थित जनसमूह को अपना आध्यात्मिक संदेश दिया। रूस और अमेरिका से आए कृष्ण भक्त भी पूरी तरह भारतीय वेशभूषा में संकीर्तन का आनंद लेते और आम भक्तों के साथ थिरकते दिखाई दिए।
जनप्रतिनिधियों ने उतारी आरती
धार्मिक उल्लास से सराबोर यह रथयात्रा भोपाल टॉकीज से प्रारंभ होकर हमीदिया रोड, भारत टॉकीज, रोशनपुरा चौराहा, रंगमहल और न्यू मार्केट जैसे शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए माता मंदिर स्थित प्लेटिनम प्लाजा पहुंचेगी। यात्रा के शुभारंभ के पावन मौके पर भोपाल की महापौर मालती राय ने भगवान जगन्नाथ की मंगल आरती कर देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद मार्ग में आयोजित राजभोग आरती में मध्य प्रदेश सरकार की राज्यमंत्री कृष्णा गौर शामिल हुईं, जबकि यात्रा के समापन अवसर पर कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग भगवान की महाआरती कर श्रद्धालुओं को संबोधित करेंगे। प्लेटिनम प्लाजा में यात्रा के समापन पर भव्य धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
400 किलो खाजा और क्विंटल हलवे का महाप्रसाद
आयोजन समिति की ओर से रथयात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद की व्यापक व्यवस्था की गई है। पूरे यात्रा मार्ग के दौरान भक्तों के बीच पुरी का प्रसिद्ध 400 किलोग्राम 'खाजा' महाप्रसाद वितरित किया जा रहा है, वहीं समापन स्थल यानी प्लेटिनम प्लाजा पर 5 से 7 हजार श्रद्धालुओं के लिए शुद्ध देसी घी से तैयार किए गए हलवे के महाप्रसाद का विशेष प्रबंध किया गया है। इतनी बड़ी संख्या में उमड़ी भीड़ और शहर के वीआईपी रूट को ध्यान में रखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए हैं। हमीदिया रोड और न्यू मार्केट सहित पूरे यात्रा मार्ग पर भारी पुलिस बल और ट्रैफिक के जवान तैनात किए गए हैं, जो सुचारू यातायात और कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पल-पल की स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत

