तेलंगाना में सड़क सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के लिए ‘टीजी-टीमार्स’ का गठन

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तेलंगाना में सड़क सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के लिए ‘टीजी-टीमार्स’ का गठन


हैदराबाद, 25 सितंबर (हि.स.)। तेलंगाना सरकार ने राज्य में यातायात समस्याओं, सड़क दुर्घटनाओं और राजमार्ग सुरक्षा से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए ‘टीजी-टीमार्स’ (तेलंगाना ट्रैफिक मैनेजमेंट, रोड एंड रेल सेफ्टी ब्यूरो) के गठन को मंजूरी दी है। नई व्यवस्था का उद्देश्य दुर्घटनाओं के बाद कार्रवाई के बजाय वैज्ञानिक और पूर्व-निवारक उपायों के जरिए सड़क हादसों को कम करना है।

हैदराबाद मुख्यालय वाला यह ब्यूरो मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की निगरानी में काम करेगा। इसका नेतृत्व अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक या पुलिस महानिरीक्षक स्तर के अधिकारी द्वारा किया जाएगा। टीजी-टीमार्स को ‘यातायात’ तथा ‘सड़क एवं रेल सुरक्षा’ दो प्रमुख विभागों में बांटा जाएगा।

राज्य के प्रत्येक पुलिस थाने में सड़क दुर्घटना प्रतिक्रिया अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। यह अधिकारी चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेगा और दुर्घटना के बाद घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने के लिए समन्वय करेगा। सरकार का लक्ष्य दुर्घटना के बाद के महत्वपूर्ण ‘गोल्डन ऑवर’ में घायलों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।

राज्य और राष्ट्रीय राजमार्गों पर 50 किलोमीटर से अधिक के हिस्सों में विशेष हाईवे पेट्रोलिंग यूनिट तैनात की जाएंगी। इन वाहनों में आधुनिक कैमरे, ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) और गति पहचानने वाली प्रणालियां लगाई जाएंगी। इनके जरिए यातायात नियमों के उल्लंघन की निगरानी के साथ सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।

तेलंगाना सरकार ने यातायात प्रबंधन के लिए अलग ‘ट्रैफिक मैनेजमेंट फंड’ बनाने का भी प्रावधान किया है। पुलिस द्वारा वसूले जाने वाले ट्रैफिक जुर्माने की 40 प्रतिशत राशि इस फंड में स्थानांतरित की जाएगी। इसका उपयोग आधुनिक तकनीक, पेट्रोलिंग वाहनों की खरीद और पुलिसकर्मियों के प्रशिक्षण सहित यातायात प्रबंधन को मजबूत करने में किया जाएगा।

टीजी-टीमार्स दुर्घटना संभावित क्षेत्रों यानी ब्लैक स्पॉट की पहचान और तकनीकी जांच भी करेगा। इन स्थानों पर दुर्घटनाओं के कारणों का विश्लेषण कर सड़क डिजाइन, संकेतक, प्रकाश व्यवस्था और अन्य इंजीनियरिंग सुधारों के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय किया जाएगा।

सरकार के अनुसार, नई व्यवस्था के तहत राज्य के 32 हजार किलोमीटर से अधिक सड़क नेटवर्क और 1.8 करोड़ से अधिक पंजीकृत वाहनों से जुड़े सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधन पहलुओं की निगरानी की जाएगी। सरकार का लक्ष्य अगले छह महीने में टीजी-टीमार्स को पूरी तरह कार्यशील बनाना है।

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हिन्दुस्थान समाचार / Santhosha Laxmi

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