देश में पेट्रोल-डीजल के पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध, एलपीजी की सप्लाई जारी: सरकार
नई दिल्ली, 11 मई (हि.स)। केंद्र सरकार ने सोमवार को कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संकट के बावजूद देश में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और घरेलू खाना पकाने की जरूरतों के लिए एलपीजी की सप्लाई की जा रही है। वहीं, पिछले तीन दिनों में ही 1.26 करोड़ बुकिंग के मुकाबले 1.14 करोड़ घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) डिलीवर किए गए हैं।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने यहां अंतर-मंत्रालयी पत्रकार वार्ता में कहा कि हमारी रिफाइनरियां अपनी पूरी क्षमता से काम कर रही हैं। देश में किसी भी रिटेल आउटलेट पर स्टॉक खत्म होने की कोई रिपोर्ट नहीं है। एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप भी सुचारू रूप से काम कर रही हैं और कहीं भी स्टॉक खत्म होने की कोई खबर नहीं है।
उन्होंने बताया कि पिछले तीन दिनों में 17,000 टन से ज्यादा कमर्शियल एलपीजी बेची गई है। 762 टन से ज्यादा ऑटो एलपीजी भी बेची गई है। इसके अलावा इसी दौरान 1,40,000 से ज्यादा 5 किलो के सिलेंडर बेचे गए हैं। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों द्वारा लगभग 93 कैंप लगाए गए, जिनमें 2,100 से ज्यादा सिलेंडर बेचे गए हैं।
विदेश मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव (खाड़ी) असीम आर. महाजन ने पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति पर कहा कि विदेश मंत्रालय खाड़ी और पश्चिम एशिया क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रख रहा है। हमारे प्रयास इस क्षेत्र में रहने वाले बड़े भारतीय समुदाय की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने पर केंद्रित हैं।
उन्होंने कहा कि जानकारी साझा करने और अपने प्रयासों में तालमेल बिठाने के लिए हम राज्य सरकारों और केंद्रशासित प्रदेशों के साथ लगातार संपर्क में हैं। मंत्रालय में एक विशेष कंट्रोल रूम बनाया गया है, जो भारतीय नागरिकों और उनके परिवारों के सवालों का जवाब देने के लिए पूरी तरह से काम कर रहा है।
महाजन ने कहा कि इस क्षेत्र में हमारे दूतावास और वाणिज्य दूतावास भारतीय नागरिकों को समय पर सहायता प्रदान करने के लिए चौबीसों घंटे हेल्पलाइन चला रहे हैं। वे हमारे नागरिकों की सक्रिय रूप से सहायता कर रहे हैं। वे स्थानीय सरकारों के साथ भी लगातार संपर्क में हैं।
बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय में निदेशक ओपेश कुमार शर्मा ने कहा कि बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, विदेशों में हमारे मिशनों और सभी समुद्री हितधारकों के साथ समन्वय जारी रखे हुए है, ताकि नाविकों का कल्याण और समुद्री परिचालन बिना किसी रुकावट के सुनिश्चित किया जा सके। इस क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। पिछले तीन दिनों में, भारतीय ध्वज वाले व्यापारिक जहाजों या विदेशी ध्वज वाले व्यापारिक जहाजों पर मौजूद भारतीय नाविकों से जुड़ी कोई भी घटना सामने नहीं आई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

