भारत मंडपम में गूंजा माता भगवती देवी शर्मा की जन्मशताब्दी का संदेश, राष्ट्र निर्माण के लिए साधकों ने लिया संकल्प

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भारत मंडपम में गूंजा माता भगवती देवी शर्मा की जन्मशताब्दी का संदेश, राष्ट्र निर्माण के लिए साधकों ने लिया संकल्प


नई दिल्ली, 10 अक्टूबर (हि.स.)।

माता भगवती देवी शर्मा की जन्मशताब्दी के उपलक्ष्य में दिल्ली में आयोजित होने वाले तीन दिवसीय विराट महोत्सव की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में भारत मंडपम में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के कार्यकर्ताओं का विशेष आयोजन हुआ। इसमें गायत्री साधकों और कार्यकर्ताओं ने राष्ट्र निर्माण, नारी जागरण तथा माता भगवती देवी शर्मा के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। अखिल विश्व गायत्री परिवार के अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय शांतिकुंज, हरिद्वार के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री दुर्गादास उइके, देव संस्कृति विश्वविद्यालय के उपाध्यक्ष एवं जन्मशताब्दी समारोह के दलनायक डॉ. चिन्मय पण्ड्या सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

माता भगवती देवी शर्मा की जन्मशताब्दी के अवसर पर 31 अक्टूबर से 2 नवंबर तक इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में तीन दिवसीय विराट महोत्सव आयोजित किया जाएगा। इसमें देश-विदेश से हजारों गायत्री साधकों के शामिल होने की संभावना है। आयोजन का उद्देश्य माताजी के विचारों, नारी जागरण के संदेश और समाज के नैतिक एवं आध्यात्मिक उत्थान के संकल्प को व्यापक स्तर पर पहुंचाना है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्यमंत्री दुर्गादास उइके ने कहा कि वर्तमान कालखंड महाकाल के प्रत्यावर्तन चक्र का है, जिसमें समाज में सकारात्मक परिवर्तन की नई संभावनाएं आकार ले रही हैं। उन्होंने कहा कि आज नारी शक्ति अपनी प्रतिभा, सामर्थ्य और संगठन शक्ति के माध्यम से राष्ट्र के नवनिर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। समाज और देश की प्रगति में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी एक महत्वपूर्ण आधार है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जन्मशताब्दी समारोह के दलनायक एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय के उपाध्यक्ष डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि माता भगवती देवी शर्मा की जन्मशताब्दी, अखंड दीप की शताब्दी और युगऋषि पंडित आचार्य श्रीराम शर्मा की साधना-शताब्दी का संगम समाज में सकारात्मक परिवर्तन का संदेश दे रहा है। इन तीनों ऐतिहासिक प्रसंगों की त्रिवेणी साधना को सेवा, संस्कार को व्यवहार और आध्यात्मिक चेतना को सामाजिक परिवर्तन से जोड़ने की प्रेरणा देती है।

डॉ. पण्ड्या ने कहा कि वर्तमान समय भारतीय अस्मिता, अध्यात्म और देश की संभावनाओं के जागरण का है। यह उन लोगों के आगे आने का समय है, जिनके हृदय में राष्ट्र के उत्थान की भावना है। उन्होंने युगऋषि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य और माता भगवती देवी शर्मा के व्यक्तित्व एवं कृतित्व का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाना और उन्हें अपने जीवन में उतारना समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है।

उन्होंने कहा कि अखिल विश्व गायत्री परिवार ऐसे भारत के निर्माण के लिए संकल्पित है, जहां प्रत्येक नागरिक को अपनी गौरवशाली विरासत पर गर्व हो और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के प्रति सुरक्षा एवं विश्वास का भाव हो। इसके लिए समाज में संस्कार, सेवा, नैतिकता और राष्ट्रीय कर्तव्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है। राष्ट्र निर्माण का संकल्प तभी व्यापक जनआंदोलन का रूप ले सकता है, जब आध्यात्मिक विचारों को व्यवहार और सामाजिक जिम्मेदारियों से जोड़ा जाए।

इस अवसर पर दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) के प्रबंध निदेशक विकास कुमार (आईएएस) ने कहा कि नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूकता, राष्ट्रप्रेम और देश के विकास में सक्रिय भागीदारी ही सशक्त भारत की आधारशिला है। उन्होंने नागरिकों से राष्ट्र के विकास में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने अतिथियों को गायत्री महामंत्र की चादर सहित अन्य स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। आयोजन में एनसीआर के एक हजार से अधिक कार्यकर्ताओं के साथ केंद्रीय राज्यमंत्री दुर्गादास उइके, वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा, सांसद अजय भट्ट और अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

जन्मशताब्दी महोत्सव के माध्यम से अखिल विश्व गायत्री परिवार का लक्ष्य माता भगवती देवी शर्मा के नारी जागरण, सेवा, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना से जुड़े विचारों को व्यापक समाज तक पहुंचाना तथा राष्ट्र निर्माण के लिए जनभागीदारी को प्रोत्साहित करना है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सौरव राय

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