Gardening Tips: गर्मियों में भी नहीं सूखेंगे पौधे, अपनाएं ये स्मार्ट ट्रिक, रोज-रोज पानी देने की झंझट ही खत्म!

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गर्मियों का मौसम आते ही पौधे के देखभाल करना भी एक चुनौती बन जाता है. तेज धूप, गर्म हवाएं और लगातार बढ़ता तापमान न केवल इंसानों को परेशान करता है, बल्कि पौधों के लिए भी किसी परीक्षा से कम नहीं होता. अक्सर देखा जाता है कि लोग बड़े प्यार से अपने घर या बगीचे में पौधे लगाते हैं. लेकिन गर्मी के कुछ ही दिनों में पौधे मुरझाने लगते हैं. पत्तियां सूखने लगती हैं, मिट्टी जल्दी-जल्दी सूख जाती है और बार-बार पानी देने के बावजूद भी पौधे स्वस्थ नहीं रह पाते. ये समस्या हर किसी के साथ होती है, जो काफी परेशान करने वाली होती है.लेकिन अगर कुछ आसान और स्मार्ट तरीकों को अपनाया जाए. तो आप गर्मी में भी अपने पौधों को कम पानी देने के बाद भी हरा-भरा और हेल्दी रख सकते हैं. चलिए इस आर्टिकल में आपको भी बताते हैं कि पौधें को हरा-भरा रखने के लिए आपको कौन सी ट्रिक अपनानी है, जिसके बाद रोज-रोज प्लांट में पानी देने की भी झंझट नहीं रहेगी.

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मल्चिंग (Mulching) टेक्निक क्या होती है?
हम बात कर रहे हैं मल्चिंग टेक्निक के बारे हैं, जो पौधों के लिए काफी अच्छी मानी जाती है. ये एक एक ऐसी बागवानी तकनीक है जिसमें पौधों की जड़ों के आसपास मिट्टी की सतह को किसी सामग्री से ढक दिया जाता है. यह सामग्री सूखी पत्तियां, घास, भूसा, लकड़ी के टुकड़े, नारियल की भूसी या प्लास्टिक शीट भी हो सकती है. इसका काम मिट्टी की नमी को बनाए रखना और पौधों को बाहरी तापमान के असर से बचाना होता है.

मल्चिंग कैसे काम करती है?
जब आप मिट्टी के ऊपर मल्च की परत बिछाते हैं, तो यह एक सुरक्षा कवच की तरह काम करती है. यह सूरज की तेज गर्मी से मिट्टी को सीधे प्रभावित होने से बचाती है. जिससे पानी जल्दी नहीं सूखता. साथ ही यह खरपतवार (weed) को उगने से रोकती है, क्योंकि उन्हें पर्याप्त धूप नहीं मिलती. मल्च मिट्टी का तापमान बैलेंस रखती है. गर्मियों में ठंडा और सर्दियों में हल्का गर्म. समय के साथ जैविक मल्च सड़कर मिट्टी की फर्टिलिटी भी बढ़ाता है.

मल्चिंग कैसे करें?
इसे करने के लिए सबसे पहले आपको पौधे के आसपास मिट्टी को हल्का ढीला करें और खरपतवार हटा दें. फिर मिट्टी को अच्छी तरह पानी दें ताकि उसमें नमी बनी रहे. इसके बाद चुनी हुई मल्च सामग्री (जैसे सूखी पत्तियां या घास) को 2 से 4 इंच मोटी परत में पौधे के चारों ओर फैला दें. ध्यान रखें कि मल्च को सीधे पौधे के तने से सटाकर न रखें, थोड़ा गैप जरूर छोड़ें ताकि तना सड़ने न पाए. समय-समय पर मल्च की परत को जांचें और जरूरत पड़ने पर नई परत एड करते रहें.

मल्चिंग के क्या हैं फायदे?
गर्मियों में पौधों को सूखने और मुरझाने से बचाने के लिए मल्चिंग टेक्निक काफी अच्छी मानी जाती है. साथ ही इससे पानी और समय की भी बचत होती है. गर्मियों में पौधों को ज्यादा पानी की जरूरत होती है, जिससे कई बार लोगों के पास समय न होने की वजह से प्लांट को जरूरत के मुताबिक पानी नहीं मिल पाता है और वो सूखने लगते हैं. लेकिन मल्चिंग टेक्निक अपनाकर आप पौधे के मिट्टी को जल्दी सूखने से बचाते हैं, जिससे आप 2 दिन छोड़कर भी प्लांट में पानी दे सकते हैं.

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