मई में 159 दवाएं गुणवत्ता जांच में फेल, एक नकली दवा भी मिली
नई दिल्ली, 22 जून (हि.स.)। देश में दवाओं की गुणवत्ता जांच के दौरान मई महीने में 159 दवा नमूने तय मानकों पर खरे नहीं उतरे। इनमें 46 नमूने केंद्रीय प्रयोगशालाओं में और 113 नमूने राज्य स्तरीय प्रयोगशालाओं में जांच के दौरान फेल पाए गए।
केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की रिपोर्ट के मुताबिक, इन दवाओं को “नॉट ऑफ स्टैंडर्ड क्वालिटी” यानी मानक गुणवत्ता के अनुरूप नहीं पाया गया। इसका मतलब है कि जांच के दौरान ये दवाएं गुणवत्ता के एक या अधिक मानकों को पूरा नहीं कर सकीं।
सोमवार को स्वास्थ्य मंत्रालय की विज्ञप्ति के अनुसार किसी दवा के एक बैच के फेल होने का मतलब यह नहीं है कि उसी कंपनी की बाकी सभी दवाएं भी खराब हैं। यह निष्कर्ष केवल जांच किए गए बैच तक ही सीमित होता है।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि असम से लिया गया एक दवा नमूना नकली (स्प्यूरियस) पाया गया। शुरुआती जांच में पता चला है कि इसे एक अनधिकृत निर्माता ने किसी दूसरी कंपनी के ब्रांड नाम का इस्तेमाल कर बनाया था।
अधिकारियों के अनुसार, इस मामले की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
सीडीएससीओ का कहना है कि दवाओं की गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए नियमित रूप से नमूनों की जांच की जाती है। खराब या नकली दवाओं की पहचान होने पर उन्हें बाजार से हटाने की कार्रवाई की जाती है, ताकि लोगों की सेहत सुरक्षित रह सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

