पेट्रोलियम पदार्थों की महंगाई पर खरगे, केजरीवाल ने सरकार पर उठाए सवाल

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पेट्रोलियम पदार्थों की महंगाई पर खरगे, केजरीवाल ने सरकार पर उठाए सवाल


नई दिल्ली, 25 मई (हि.स.)। देश में पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में पिछले एक महीने से भी कम समय में चार बार बढ़ोतरी होने पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। दोनों नेताओं ने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई से जनता का जीवन कठिन हो गया है और सरकार के पास इसे रोकने का कोई ठोस उपाय नहीं है।

खरगे ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान आरोप लगाया कि सरकार के पास कोई विजन नहीं है और वह गरीबों तथा युवाओं की समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं है। यूपीए सरकार के समय जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बहुत बढ़ी थीं तब भी सब्सिडी देकर जनता को राहत दी गई थी लेकिन आज सरकार कभी 90 पैसे, कभी एक रुपये और कभी दो रुपये की बढ़ोतरी कर रही है, जिससे साफ है कि उनकी अर्थव्यवस्था संभल नहीं रही है। बेरोजगारी और महंगाई से लोग त्रस्त हैं, गरीबों के लिए रोजमर्रा की जरूरी चीजें महंगी हो गई हैं, बच्चों की फीस और शिक्षा का खर्च बढ़ गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को अपने दोस्तों को बेच रही है और रोजगार के अवसर खत्म कर रही है।

खरगे ने कहा कि आज जनता दोहरी मार झेल रही है। एक तरफ बेरोजगारी और दूसरी तरफ महंगाई। गरीबों के लिए रोजमर्रा की जरूरी चीजें जैसे दूध, सब्जियां, कपड़े, किताबें और बच्चों की फीस तक महंगी हो गई हैं। सरकार के पास कोई ठोस नीति नहीं है और प्रधानमंत्री को यह भी समझ नहीं है कि अर्थव्यवस्था को किस तरह संभाला जाए। यूपीए शासनकाल में मनमोहन सिंह ने वैश्विक संकट के बावजूद अर्थव्यवस्था को संभालकर देश को मजबूती दी थी, लेकिन आज मोदी सरकार केवल अमीरों को फायदा पहुंचाने और गरीबों को और गरीब बनाने में लगी है।

आम आदमी पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर जारी एक वीडियो संदेश में कहा कि केंद्र सरकार ने आज भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में औसतन ढाई‑ढाई रुपये की बढ़ोतरी की है। पिछले कुछ दिनों में यह चौथी बढ़ोतरी है और अब तक कीमतें आठ रुपये तक बढ़ चुकी हैं। जब रूस और ईरान भारत को सस्ता और पर्याप्त मात्रा में तेल और गैस देने को तैयार हैं, तो सरकार उनसे क्यों नहीं खरीद रही है। उन्होंने कहा कि तीन दिन पहले उन्होंने देशवासियों से पूछा था कि क्या हमें रूस और ईरान से तेल और गैस खरीदना चाहिए, जिस पर लगभग 97 प्रतिशत लोगों ने समर्थन किया। जब जनता मांग कर रही है और विकल्प मौजूद हैं, तो प्रधानमंत्री की मजबूरी क्या है कि वह इन देशों से तेल और गैस नहीं खरीद रहे हैं।

केजरीवाल ने कहा कि देश के 140 करोड़ लोग लगातार महंगाई का बोझ झेल रहे हैं और सरकार के पास कोई ठोस जवाब नहीं है। जब सस्ते विकल्प मौजूद हैं, तो सरकार को जनता को राहत देने के लिए तुरंत कदम उठाने चाहिए।

उल्लेखनीय है कि बीते एक महीने में पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और एलपीजी की कीमतों में लगातार चार बार बढ़ोतरी हुई है। 25 मई को दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया। इससे पहले 23 मई को पेट्रोल में 87 पैसे और डीजल में 91 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि की गई थी। 18 मई को भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगभग 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई थी तथा सीएनजी एक रुपये प्रति किलो महंगी हुई थी। वहीं 15 मई को पेट्रोल और डीजल के दाम तीन‑तीन रुपये प्रति लीटर बढ़ाए गए थे और सीएनजी दो रुपये प्रति किलो महंगी हुई थी। इससे पहले 01 मई को वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 993 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी, जिसके बाद दिल्ली में इसकी कीमत 3,071.50 रुपये हो गई थी।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर

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