दीपावली पर मिलावटखोरों पर एफएसडीए की कार्रवाई, 12 टोल नाकों पर छापे और 60 कुंतल असुरक्षित खाद्य पदार्थ नष्ट
48 वाहनों की जांच में 22 कुंतल दुर्गंधयुक्त खोया और 28 कुंतल पनीर पकड़ा
मिलावट के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा विभाग का 'शुद्ध ही शुभ है' अभियान जारी
अब तक प्रदेश भर में 1533 निरीक्षण और 731 खाद्य नमूने किए गए संग्रहित, 32 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित
कहीं शौचालय के पास बन रही थीं मिठाइयां तो कहीं फफूंद लगी घेवर और एक्सपायरी सामग्री मिली
बरेली-मुरादाबाद में मिठाई निर्माण इकाइयों की खुली पोल, बुलंदशहर और मथुरा में भी मिलावटखोरों पर एफआईआर
लखनऊ, 5 नवंबर। दीपावली के त्योहार पर लोगों की थाली तक मिलावटी और असुरक्षित खाद्य पदार्थों की पहुंच रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) प्रदेशभर में प्रवर्तन कार्रवाई कर रहा है। विभाग के ‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान के तहत एक ओर करीब 12 टोल नाकों और प्रमुख चौराहों पर वाहनों की सघन जांच की गई, तो दूसरी ओर मिठाई और खाद्य पदार्थ बनाने वाली इकाइयों पर छापेमारी कर मिलावट तथा गंदगी के गंभीर मामले पकड़े गए। वाहन जांच के दौरान 48 वाहनों से खाद्य पदार्थों की ढुलाई की पड़ताल की गई। इसमें कानपुर नगर में करीब 22 कुंतल दुर्गंधयुक्त खोया और हापुड़ में अस्वच्छ परिस्थितियों में ले जाया जा रहा करीब 28 कुंतल पनीर पकड़ा गया। अभियान के दौरान करीब 60 कुंतल असुरक्षित एवं अस्वच्छ परिस्थितियों में रखे या परिवहन किए जा रहे खाद्य पदार्थ नष्ट कराए गए। वहीं, गंभीर अनियमितताओं पर प्रदेश में अब तक 32 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित कर कारोबार बंद कराया जा चुका है।

टोल नाकों पर कार्रवाई, खोया-पनीर की बड़ी खेप पकड़ी
खाद्य पदार्थों की अवैध और असुरक्षित ढुलाई पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस के सहयोग से चलाए गए विशेष वाहन चेकिंग अभियान में अलग-अलग जिलों में बड़ी मात्रा में संदिग्ध खाद्य सामग्री पकड़ी गई। मऊ में 230 किलोग्राम असुरक्षित खोया बरामद हुआ, जबकि कानपुर नगर में करीब 22 कुंतल दुर्गंधयुक्त खोया पकड़ा गया। रामपुर में 350 लीटर दूध और हापुड़ में करीब 28 कुंतल पनीर अस्वच्छ परिस्थितियों में परिवहन करते हुए मिला। बाराबंकी और उन्नाव में भी पनीर पकड़ा गया। गौतमबुद्धनगर में संदिग्ध पनीर के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं।

मुरादाबाद में पहले प्रतिबंधित किए जा चुके एक खाद्य कारोबारी के गुप्त ठिकाने पर छापेमारी के दौरान खाद्य पदार्थों में मिलावट के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले अपमिश्रक और रसायन बरामद हुए। इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। बुलंदशहर, मथुरा और मुरादाबाद में मिलावट के लिए अपमिश्रक एवं रसायन मिलने पर एफआईआर की कार्रवाई भी की गई है।

बरेली में शौचालय के पास मिठाई निर्माण, मुरादाबाद में फफूंद और चूहों की गंदगी
अभियान के तहत मुख्यालय स्तर से भेजे गए 32 खाद्य सचल दलों ने बरेली और मुरादाबाद में विशेष प्रवर्तन कार्रवाई की। इसके साथ ही कासगंज, इटावा, हमीरपुर, महोबा, कुशीनगर और शाहजहांपुर में मंडल स्तर पर गठित अंतर्जनपदीय टीमों ने भी निरीक्षण किया। इन कार्रवाइयों में मिठाई निर्माण इकाइयों में स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कई गंभीर मामले सामने आए।

बरेली के सुभाष नगर स्थित न्यू बाजपेई स्वीट्स की निर्माणशाला में अत्यधिक गंदगी मिली। स्थिति यह थी कि मिठाई बनाने वाली भट्टी के नजदीक ही शौचालय संचालित पाया गया। फर्श टूटी हुई थी और परिसर में दूषित पानी भरा था। गंभीर स्वच्छता संबंधी खामियों के चलते प्रतिष्ठान के लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई की गई।

इसी जिले के कैलाशपुरी स्थित धीरज स्वीट्स एंड कन्फेक्शनरी में पुरानी और फफूंद लगी घेवर मिली। यहां भी गंदगी के बीच अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में मिठाइयों का निर्माण किया जा रहा था। खाद्य सुरक्षा मानकों के गंभीर उल्लंघन पर इकाई का लाइसेंस निलंबित करने की कार्रवाई की गई।
मुरादाबाद की मिठाई इकाइयों में एक्सपायरी सामग्री और अखाद्य रंग
मुरादाबाद के ढकिया, डिलारी के निकट स्थित हुकूमत मिल्क केक की सफेद रसगुल्ला निर्माण इकाई में खाद्य पदार्थ असुरक्षित परिस्थितियों में बनाए जा रहे थे। खाद्य सामग्री संदूषित अवस्था में बिखरी मिली। इस पर लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई की गई।
कोहिनूर तिराहे के निकट मदनी स्वीट्स में खाद्य निर्माण के दौरान एक्सपायर हो चुके खाद्य पदार्थों का इस्तेमाल किया जा रहा था। निर्माणशाला में चूहों की मौजूदगी और उनकी गंदगी के साथ अखाद्य रंगों का प्रयोग तथा जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने जैसी गंभीर कमियां भी मिलीं। विभाग ने प्रतिष्ठान का लाइसेंस निलंबित करने की कार्रवाई की।
मुरादाबाद के ही मकबरी रोड, बड़ी सब्जी मंडी के निकट बीना मिष्ठान भंडार बिना खाद्य लाइसेंस के संचालित मिला। यहां निर्माणशाला में चूहों का प्रकोप और अत्यधिक गंदगी पाई गई। बिना लाइसेंस कारोबार और अस्वच्छ परिस्थितियों के चलते इकाई का खाद्य कारोबार बंद करा दिया गया। कासगंज के पवन स्वीट्स में भी निर्माणशाला में अत्यधिक गंदगी और अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में खाद्य पदार्थों का निर्माण किए जाने पर प्रवर्तन कार्रवाई की गई।
अब तक 1,533 निरीक्षण
‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान के तहत टोल नाकों पर वाहन चेकिंग के साथ ही खाद्य सुरक्षा विभाग की मुख्यालय स्तरीय सचल टीमों और मंडल स्तर पर गठित अंतर्जनपदीय टीमों ने विभिन्न जिलों में खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। विशेष अभियान के तहत 113 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर 76 कारोबारियों को कमियां दूर करने के लिए सुधार नोटिस जारी किए गए। इस दौरान 113 नमूने भी लिए गए। गंभीर अनियमितताएं मिलने पर छह प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित कर सुधार होने तक उनका कारोबार बंद कराया गया। प्रदेशभर में अब तक 1,533 निरीक्षण किए जा चुके हैं और 731 खाद्य नमूने जांच के लिए संकलित किए गए हैं। अभियान के दौरान गंभीर अनियमितताओं के चलते 32 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित कर उनका कारोबार बंद कराया गया है। वहीं, करीब 56 कुंतल खाद्य पदार्थ अधिग्रहित किए गए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 1.40 करोड़ रुपये बताई गई है। इसके अलावा करीब 60 कुंतल असुरक्षित और अस्वच्छ परिस्थितियों में रखे या परिवहन किए जा रहे खाद्य पदार्थ नष्ट कराए गए।
कारोबार बंद कराना नहीं, खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन कराना लक्ष्य
विभाग की आयुक्त डॉ रोशन जैकब के अनुसार, अभियान का उद्देश्य खाद्य कारोबारियों का व्यवसाय बंद कराना नहीं, बल्कि खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री की प्रक्रिया को सुरक्षित एवं स्वच्छ बनाना है। इसी वजह से सामान्य कमियां मिलने पर कारोबारियों को सुधार नोटिस और आवश्यक निर्देश दिए जा रहे हैं। हालांकि, खाद्य सुरक्षा से जुड़ी गंभीर अनियमितताओं पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जा रही है। जिन प्रतिष्ठानों ने अपनी कमियों को दूर कर लिया है, उनके मामलों में जांच के बाद लाइसेंस निलंबन बहाल कर कारोबार दोबारा शुरू करने की अनुमति भी दी जा रही है।

