लखनऊ में गिरफ्तार चार संदिग्ध आतंकियों को पांच दिन की कस्टडी रिमांड पर भेजा गया
लखनऊ, 04 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) ने शनिवार को संदिग्ध चार आतंकियों को एटीएस/एनआईए की विशेष न्यायालय में पेश किया गया है। न्यायालय ने सभी को पांच दिन के लिए पुलिस रिमांड पर भेजने का आदेश जारी किया है। पुलिस कस्टडी रिमांड पांच अप्रैल की सुबह 10 बजे से नौ अप्रैल को शाम छह बजे तक रहेगी।
उत्तर प्रदेश के कानून एवं व्यवस्था अमिताभ यश ने शनिवार को जारी बयान में कहा है कि यूपी एटीएस ने पाकिस्तानी हैंडलर्सों के संपर्क में रहने वाले एक गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया गया था। ये लोग देश विरोधी गतिविधियों को संचालित कर रहे थे। गिरोह का मुख्य सदस्य मेरठ का रहने वाला साकिब उर्फ डेविल नाई का काम करता है। उसका परिचय मेरठ निवासी आकिब ने इंस्टाग्राम के जरिए पाकिस्तानी हैंडलर्स से कराया गया था। एके-47 के साथ आकिब की कई वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित है, जिसकी जांच की जा रही है। प्राथमिक जानकारी के अनुसार आकिब दुबई में रहा रहा है। साकिब कई कट्ठरपंथी ग्रुपों , पाकिस्तानी हैंडलर्स और अफगानिस्तान के नंबरों से जुड़ गया था। यह गिरोह सदस्य रेलवे सिग्नल बॉक्स, गैस सिलेंडर से भरे ट्रकों में आग लगाने और राजनैतिक व्यक्तियों के रेकी करने के काम में लगा था। अभियुक्तों ने कुछ थानों पर आगजनी की घटनाएं भी अंजाम दी थीं, जिनके वीडियो बनाकर पाकिस्तान भेजे जाते थे।
पाकिस्तानी हैंडलर इन्हें टेलीग्राम, इंस्टाग्राम के माध्यम से “ओसामा बिन लादेन”, “फरुतुल्ला गोरी”, “कश्मीर मुजाहिद्दीन”, “गजवा-ए-हिंद” तथा धर्म के आधार पर वाहन जलाने के लिए उकसाते थे और षडयंत्र रचते थे। साकिब के गांव का रहने वाला अरबाब भी उससे जुड़ा था। दोनों ने सोशल मीडिया के जरिए विकास गहलावत उर्फ रौनक और लोकेश उर्फ पपला पंडित उर्फ बाबू उर्फ संजू को जोड़ा गया था। इन लोगों ने गाजियाबाद, अलीगढ़ और लखनऊ जैसे शहरों में कई स्थानों रेलवे सिगनल की रेकी भी कर वीडियो बनाकर पाकिस्तान हैंडलरों को भेजे गए थे।
एडीजी ने बताया कि गिरोह का मुख्य आरोपित ने दो अप्रैल को लखनऊ रेलवे स्टेशन के पास रेलवे सिग्नल और अन्य संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने की योजना बनाई थी। लेकिन एटीएस टीम ने समय रहते मौके पर पहुंचकर चारों को गिरफ्तार किया था। इनके पास से ज्वलनशील पदार्थ से भरा एक कैन, सात स्मार्टफोन, 24 पर्चे और आधार कार्ड बरामद कर लिया था। इनके पास से कई साक्ष्य एटीएस के हाथ लगे है। पुलिस रिमांड मिलने के बाद अब जांच टीम इनके मददगारों के बारे में पता लगाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / दीपक

