बारिश में इन पौधों पर भर-भरकर खिलते हैं फूल, जानें लगाने और देखभाल करने का तरीका
बरसात के मौसम में सूखे या मुरझाए पड़े पेड़-पौधे भी हरे-भरे हो जाते हैं। वहीं अगर बगिया में फूल के प्लांट लगे होते हैं, तो वह रंग-बिरंगे कलियों और फूलों से भर जाते हैं। मॉनसून का महीना पौधों की ग्रोथ के लिए बेस्ट माना जाता है। इस मौसम में कुछ खास पौधे ऐसे होते हैं, जो बारिश का पानी पाते ही फूलों से लद जाते हैं। अगर आप भी अपने घर के आंगन या बालकनी को रंग-बिरंगे फूलों से महकाना चाहती हैं, तो यह सही समय है। नीचे लेख में हम आपको कुछ ऐसे बेहतरीन पौधों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो भर-भरकर फूल दे सकते हैं। साथ ही, जानें इन्हें लगाने और देखभाल करने का तरीका-

जीनिया का पौधा
बालकनी को रंग-बिरंगे फूल से भरने के लिए जीनिया का पौधा लगा सकती हैं। इसमें लाल, गुलाबी, पीले, नारंगी और नारंगी जैसे कई रंगों में फूल आते हैं। 2 महीने के अंदर इस पौधे में फूल आने लगते हैं। इसे रोजाना हल्की धूप वाली जगह पर रखें। बारिश के मौसम में इसे अलग से पानी देने की जरूरत नहीं होती।

बालसम का पौधा
बालसम या गुलमेहंदी का पौधा वैसे अब बहुत कम देखने को मिलता है। इसके फूल बिल्कुल छोटे गुलाब जैसे लगते हैं जो गुलाबी, लाल, बैंगनी और सफेद रंगों के होते हैं। इसके बीजों के फली को छूते ही वे पटाखे की तरह फूटकर बिखर जाते हैं, जो बच्चों को बहुत पसंद आता है। इसे लगाने का जुलाई का महीना बिल्कुल सही है।
इसे बीजों से आसानी से उगाया जा सकता है। इसके बीज मिट्टी के ऊपर छिड़क कर हल्की मिट्टी से ढक दें, 4-5 दिन में पौधे निकल आते हैं। बालसम के तने बहुत नाजुक और पानी से भरे होते हैं। इसलिए इसे बहुत तेज और लगातार होने वाली भारी बारिश से बचाकर रखें।

पैसिफ्लोरा या कृष्णकमल का पौधा
पैसिफ्लोरा या कृष्णकमल बेल वाला पौधा है। यह नीले, बैंगनी और लाल रंगों में आता है और दिखने में अद्भुत लगता है। इसे आप नर्सरी से लाकर या मानसून में इसकी कटिंग से आसानी से लगा सकती हैं।
इसे सहारा देने के लिए किसी ग्रिल या रस्सी की जरूरत होती है। कृष्णकमल को हल्की धूप और नमी पसंद है। बारिश में इसकी ग्रोथ बहुत तेजी से होती है, इसलिए सूखी टहनियों की समय-समय पर छंटाई करते रहें।

रुक्मिणी का पौधा
अगर आप अपनी बगिया में सदाबहार वाला पौधा लगाना चाहती हैं, तो रुक्मिणी का पौधा बेस्ट है। इसमें बरसात के दिनों में छोटे-छोटे फूलों के बड़े-बड़े गुच्छे बनते हैं। यह लाल, संतरा और पीले रंग में आता है। मानसून के मौसम में इसकी टहनी लेकर मिट्टी में लगा दें। इसके लिए एसिडिक मिट्टी सबसे अच्छी होती है।
इस पौधे को अच्छी धूप पसंद है। महीने में एक बार इसे गोबर की खाद या वर्मीकंपोस्ट जरूर दें। इससे फूलों का साइज और रंग बहुत निखर कर आता है।

