ताजगी की जगह बीमार कर देगी नकली चायपत्ती! कैसे पहचानें ये जान लीजिए
भारतीय के लिए चाय सिर्फ एक ड्रिंक नहीं बल्कि इमोशन है. सुबह की शुरुआत करनी होगी या फिर शाम की थकान मिटानी हो…भारतीय चाय को सबसे पहले याद करते हैं. दिन में एक बार नहीं, बल्कि दो-तीन बार चाय की चुस्की लेना मानो कुछ लोगों की लाइफस्टाइल का हिस्सा बन गया है. चाय का स्वाद ही चायपत्ती से आता है. लेकिन अगर चायपत्ती में ही मिलावट हो तो…ये चाय का स्वाद तो बिगाड़ती ही है, साथ ही सेहत के लिए भी नुकसानदायक साबित हो सकती है. इसलिए खरीदने से पहले मिलावट की पहचान करना जरूरी है.
आजकल बाजाक में मिलने वाली कई चाय पत्तियों में मिलावट की जा रही है. रंग, रसायन और नकली पत्तियां मिलाकर इन्हें बेचा जा रहा है. ऐसे में चलिए इस आर्टिकल में जानते हैं कि आप कैसे मिलावटी चायपत्ती की पहचान कर सकते हैं. साथ ही इसे पीने के क्या नुकसान हैं.

मार्केट में मिल रही मिलावटी चायपत्ती
मार्केट में आजकल मिलावटी चायपत्ती खूब बिक रही है. मुनाफाखोर इसमें कई चीजों की मिलावट कर रहे हैं, जो न सिर्फ चाय के स्वाद को बिगाड़ रही है. बल्कि सेहत के लिए भी नुकसानदायक साबित हो रहे है. FSSAI के मुताबिक, चायपत्ती में नारियल की भूसी, केमिकल एसेंस, लकड़ी का बुरादा, आर्टिफिशियल कलर और सैंडस्टोन मिला रहे हैं. जो एकदम से तो नहीं लेकिन धीरे-धीरे सेहत के लिए जहर का काम करते हैं. चलिए जानते हैं कि आप कैसे मिलावटी चायपत्ती की पहचान कर सकते हैं.
मिलावटी चायपत्ती की ऐसे करें पहचान
पानी में डालकर करें चेक- FSSAI ने इसे पहचाने के कुछ तरीके भी बताए है, जिसमें पहला तरीका है पानी में डालकर चायपत्ती को चेक करना. इसके लिए एक गिलास में पानी लें और थोड़ी सी सूखी चायपत्ती डालें. असली चाय धीरे-धीरे रंग छोड़ेगी. लेकिन नकली चायपत्ती तुरंत गहरा रंग छोड़ देगी, क्योंकि उसमें केमिकल रंग मिलाए जाते हैं.
हथेली पर रगड़ें- चायपत्ती को हाथ की हथेली पर रगड़ें. अगर हथेली पर काला या भूरा रंग लग जाए, तो चाय नकली हो सकती है. क्योंकि असली चाय से हथेली रंगीन नहीं होती.
चुंबक टेस्ट करें- एक पेपर लें और उसपर चायपत्ती फेला दें. इसके बाद इसके ऊपर चुंबक लगाएं. अगर चायपत्ती में आयरन के कणों की मिलावट की गई होगी तो वो चुंबक में चिप जाएंगे.
उबालने के बाद चेक करें- एक कप पानी में चायपत्ती डालें और उबाल लें. अब चाय को छानकर अलग रख दें. कुछ देर बाद देखने पर अगर चाय में छाग है तो वो मिलावटी है. क्योंकि असली चायपत्ती की बनी चाय क्लीयर होती है.
चायपत्ती का आकार देखें- असली चायपत्ती का आकार असमान और नेचुरल होता है. लेकिन नकली चाय में पत्तियां एक बराबर, एक ही रंग की और बहुत ज्यादा चमकदार या धूल जैसी हो सकती हैं.

मिलावटी चायपत्ती का सेहत पर असर
NCIB के मुताबिक, मिलावटी चायपत्ती का सेवन सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है. स्टडी बताती है कि, इसमें मिलाए जाने वाले आर्टिफिशियल कलर, केमिकल और आयरन के कण समेत नारियल की भूसी मिलाई जाती है.इसकी वजह से लिवर और किडनी पर दबाव पड़ सकता है और लंबे समय तक सेवन करने पर ये किडनी को खराब तक कर सकता है. इसके अलावा पेट से जुड़ी समस्याएं जैसे पेट दर्द, गैस, उलटी और एसिडिटी की भी शिकायत हो सकती है.

