सुप्रीम कोर्ट के टीईटी संबंधी फैसले पर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ का प्रतिनिधिमंडल शिक्षा मंत्री से मिला

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सुप्रीम कोर्ट के टीईटी संबंधी फैसले पर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ का प्रतिनिधिमंडल शिक्षा मंत्री से मिला


नई दिल्ली, 08 जनवरी (हि.स.)। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) से जुड़े उच्चतम न्यायालय के एक सितंबर 2025 के फैसले को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात कर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने नियुक्ति तिथि की परवाह किए बिना सभी सेवारत शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्य किए जाने पर गहरी चिंता व्यक्त की।

महासंघ ने कहा कि यदि इस निर्णय को पूर्वव्यापी रूप से लागू किया गया तो इससे देशभर के लगभग 12 लाख शिक्षकों की सेवा-सुरक्षा, वरिष्ठता, पदोन्नति और आजीविका पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री का ध्यान राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की 23 अगस्त 2010 की अधिसूचना की ओर आकृष्ट किया, जिसमें कक्षा I से VIII तक के शिक्षकों के लिए न्यूनतम योग्यताओं को अधिसूचना की तिथि से प्रभावी बताया गया है तथा इससे पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से छूट दिए जाने का प्रावधान है।

महासंघ ने तर्क दिया कि वैध शैक्षणिक और व्यावसायिक योग्यताओं के आधार पर वर्षों से सेवा दे रहे अनुभवी शिक्षकों पर इस निर्णय को पूर्वव्यापी रूप से लागू करना न्यायसंगत नहीं होगा। महासंघ ने शिक्षा मंत्री से आग्रह किया कि निर्णय को केवल भावी रूप से लागू किया जाए तथा अधिसूचना से पूर्व नियुक्त शिक्षकों की वरिष्ठता, गरिमा और वैध अपेक्षाओं की रक्षा के लिए आवश्यक विधिक एवं प्रशासनिक कदम उठाए जाएं।

प्रतिनिधिमंडल ने विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक का स्वागत करते हुए उसके उद्देश्यों की सराहना की और विधेयक को अधिक प्रभावी, समावेशी और व्यवहारिक बनाने के लिए कुछ सुधारात्मक सुझाव प्रस्तुत किए। साथ ही उच्च शिक्षा और विद्यालय शिक्षा से संबंधित लंबित समस्याओं के समाधान के लिए एक विस्तृत मांग-पत्र भी सौंपा गया।

धर्मेंद्र प्रधान ने महासंघ द्वारा प्रस्तुत तथ्यों और दस्तावेजों पर विचार करते हुए राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद के अध्यक्ष एवं संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के साथ-साथ शिक्षकों और शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े विषयों पर संतुलित और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने का आश्वासन दिया।

प्रतिनिधिमंडल में महासंघ के अध्यक्ष प्रो. नारायण लाल गुप्ता, महासचिव प्रो. गीता भट्ट, संगठन मंत्री महेंद्र कपूर, सह संगठन मंत्री जी. लक्ष्मण, वरिष्ठ उपाध्यक्ष महेंद्र कुमार, विद्यालय शिक्षा प्रभारी शिवानंद सिंदनकेरा, एनआईटी शिक्षक फोरम के संयोजक प्रो. महेंद्र श्रीमाली, तेलंगाना इकाई के अध्यक्ष हनुमंत राव तथा तमिलनाडु इकाई के महासचिव कंदसामी शामिल थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

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