नीट-यूजी की पुनर्परीक्षा के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम के निर्देश
नई दिल्ली, 19 मई (हि.स.)। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नीट-यूजी की पुनर्परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा के लिए मंगलवार को उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की और परीक्षा को पूरी पारदर्शिता, सुरक्षा तथा निष्पक्षता के साथ आयोजित कराने के निर्देश दिए।
बैठक में शिक्षा मंत्री ने कहा कि पिछली परीक्षा प्रक्रिया में जो भी कमियां सामने आई थीं, उन्हें पूरी तरह दूर किया जाना चाहिए ताकि पुनर्परीक्षा का संचालन त्रुटिरहित और विश्वसनीय तरीके से हो सके। उन्होंने अधिकारियों को सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत सुरक्षित, निर्बाध और फुलप्रूफ परीक्षा कराने के निर्देश दिए।
प्रधान ने राज्यों में जिला मजिस्ट्रेटों और पुलिस अधीक्षकों के साथ समन्वय बैठकें आयोजित करने को भी कहा, ताकि परीक्षा केंद्रों की निगरानी मजबूत हो और सभी व्यवस्थाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि परीक्षा केंद्रों पर सतर्कता और सुरक्षा से किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। साथ ही छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए परिवहन, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) देश में मेडिकल कोर्स में दाखिले के लिए राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) आयोजित करती है। इस वर्ष 3 मई को नीट-यूजी 2026 की परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा में कथित अनियमितताओं और जांच एजेंसियों से मिले इनपुट के आधार पर एनटीए ने परीक्षा को रद्द करते हुए 21 जून को दोबारा परीक्षा कराने का फैसला किया है। यह ऑफलाइन परीक्षा होगी, जिसमें 22 लाख से अधिक छात्रों के बैठने की उम्मीद है। इस दौरान छात्रों को 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। साथ ही केंद्र सरकार ने पूरे मामले की व्यापक जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी है।
एजेंसी ने कहा कि पारदर्शिता, निष्पक्षता और परीक्षा प्रणाली में छात्रों के भरोसे को बनाए रखने के लिए परीक्षा रद्द करने और दोबारा आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। एनटीए ने स्पष्ट किया कि मई 2026 चक्र में पंजीकरण कराने वाले अभ्यर्थियों का डेटा, उम्मीदवार स्थिति और चुने गए परीक्षा केंद्र आगामी पुनर्परीक्षा के लिए मान्य रहेंगे। इसके लिए दोबारा पंजीकरण की आवश्यकता नहीं होगी और कोई अतिरिक्त परीक्षा शुल्क भी नहीं लिया जाएगा।
एजेंसी ने कहा कि छात्रों द्वारा पहले से जमा परीक्षा शुल्क वापस किया जाएगा तथा पुनर्परीक्षा एनटीए अपने आंतरिक संसाधनों के माध्यम से आयोजित करेगी।
-------------
हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

