युवा संगम के सातवें चरण के तहत असम की सांस्कृतिक विरासत से रूबरू हुआ तेलंगाना का प्रतिनिधिमंडल

WhatsApp Channel Join Now
युवा संगम के सातवें चरण के तहत असम की सांस्कृतिक विरासत से रूबरू हुआ तेलंगाना का प्रतिनिधिमंडल


नई दिल्ली, 10 अक्टूबर (हि.स.)।

देश के युवाओं के बीच सांस्कृतिक और भावनात्मक संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ अभियान के तहत युवा संगम कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में तेलंगाना से आए युवा प्रतिनिधिमंडल ने असम की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं और सामाजिक जीवन को करीब से जाना। इस कार्यक्रम का आयोजन शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा किया जा रहा है।

तेलंगाना के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ कर्नाटक कर रहा है। 4 अक्टूबर 2026 को गुवाहाटी पहुंचने पर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान गुवाहाटी ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। इस सांस्कृतिक आदान-प्रदान का उद्देश्य युवाओं को देश के विभिन्न राज्यों की परंपराओं, शैक्षणिक वातावरण और विकास से जुड़े अनुभवों से परिचित कराना है।

असम में प्रतिनिधिमंडल के कार्यक्रमों की शुरुआत 5 अक्टूबर को योग सत्र के साथ हुई। इस सत्र के माध्यम से युवाओं को योग, मानसिक एकाग्रता, स्वास्थ्य और सकारात्मक जीवनशैली के महत्व को समझने का अवसर मिला। साथ ही, उन्होंने भारतीय पारंपरिक ज्ञान और सांस्कृतिक विरासत के एक महत्वपूर्ण पहलू का अनुभव किया। योग सत्र ने युवाओं को भारत की प्राचीन परंपराओं से जुड़ने और दैनिक जीवन में स्वास्थ्य एवं संतुलन के महत्व को समझने का अवसर प्रदान किया।

तेलंगाना के युवा प्रतिनिधिमंडल ने 5 अक्टूबर को असम के राज्यपाल श्री लक्ष्मण प्रसाद आचार्य से मुलाकात की। इस संवाद के दौरान युवाओं को असम की समृद्ध विरासत, सांस्कृतिक परंपराओं और देश के सांस्कृतिक परिदृश्य में राज्य के महत्व को समझने का अवसर मिला।

राज्यपाल के साथ हुई बातचीत ने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों को विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक विशेषताओं को जानने और देश की विविधता के बीच एकता के महत्व को समझने का अवसर दिया। इस तरह का संवाद युवाओं को अपने राज्य की सीमाओं से बाहर निकलकर दूसरे क्षेत्रों के समाज, संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने के लिए प्रेरित करता है।

युवा संगम कार्यक्रम ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के युवाओं के बीच आपसी समझ, सांस्कृतिक जुड़ाव और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम के तहत देशभर में 20 जोड़ी राज्यों और उच्च शिक्षण संस्थानों के माध्यम से युवाओं को एक-दूसरे की संस्कृति और जीवनशैली को समझने का अवसर दिया जा रहा है।

इस पहल के अंतर्गत युवा विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक विरासत, शैक्षणिक व्यवस्था, विकास संबंधी उपलब्धियों और स्थानीय समुदायों के अनुभवों से परिचित होते हैं। इससे उनमें आपसी सम्मान, सहयोग और राष्ट्रीय एकता की भावना मजबूत होती है।

तेलंगाना और असम के बीच आयोजित यह सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम इस बात को रेखांकित करता है कि भारत की विविध भाषाएं, परंपराएं और सांस्कृतिक पहचान देश की साझा विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ऐसे कार्यक्रम युवाओं को एक-दूसरे से सीखने, नए अनुभव प्राप्त करने और देश की विविधता को समझने का अवसर देते हैं।

युवा संगम के सातवें चरण के माध्यम से शिक्षा मंत्रालय का उद्देश्य युवाओं को देश की सांस्कृतिक विविधता से जोड़ने के साथ-साथ उनमें एकता, सद्भाव और राष्ट्रीय एकीकरण की भावना को और मजबूत करना है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / सौरव राय

Share this story