चुनाव आयोग ने शुरू की जोखिम प्रबंधन पर 5 दिनों की कार्यशाला

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चुनाव आयोग ने शुरू की जोखिम प्रबंधन पर 5 दिनों की कार्यशाला


नई दिल्ली, 25 मई (हि.स.)। चुनाव आयोग (ईसीआई) ने चुनावी प्रक्रिया को और अधिक मजबूत, सुरक्षित तथा पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से सोमवार को नई दिल्ली के 'इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट' (आईआईआईडीईएम) में 5 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आय़ोजित किया। यह कार्यक्रम 25-29 मई तक चलेगा।

ईसीआई के अनुसार यह कार्यक्रम 'जोखिम प्रबंधन और चुनावी लचीलेपन' विषय पर आधारित है। इसका आयोजन 'इंटरनेशनल आईडीईए' के सहयोग से किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य चुनावों के दौरान आने वाली चुनौतियों, गड़बड़ियों और जोखिमों से निपटना है ताकि पूरी चुनावी प्रक्रिया को और अधिक मजबूत, सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जा सके।

उद्घाटन सत्र के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयुक्तों डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ मिलकर देश-विदेश से आए प्रतिभागियों को संबोधित किया। कार्यशाला के पहले दिन वैश्विक स्तर पर चुनाव प्रबंधन को लेकर कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई और प्रतिभागियों ने आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सीधा संवाद भी किया।

इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में कुल 32 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। इनमें 12 अलग-अलग देशों के चुनाव प्रबंधन निकायों के चुनाव आयुक्त, वरिष्ठ अधिकारी, चुनावी प्रबंधक, जोखिम प्रबंधन व प्रौद्योगिकी पेशेवर, तथा संकट प्रबंधन और चुनावी अखंडता से जुड़े विशेषज्ञ मौजूद रहे।

इस कार्यशाला का उद्देश्य चुनावी प्रक्रियाओं में संस्थागत तैयारी और लचीलेपन को मजबूत करना है तथा चुनाव प्रबंधन निकायों को चुनावी जोखिम प्रबंधन ढांचे, नीतियों और परिचालन प्रणालियों को विकसित करने तथा संस्थागत रूप देने में सहायता प्रदान करना है।

कार्यशाला के दौरान कई महत्वपूर्ण विषयगत क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इनमें चुनावी जोखिम प्रबंधन की बुनियादी बातें, चुनावी अखंडता और सुरक्षा उपाय, जोखिम की पहचान तथा उनका सटीक मूल्यांकन, लचीलापन और संकट प्रबंधन, अंतर-एजेंसी समन्वय तथा रणनीतिक योजना और व्यावहारिक प्रशिक्षण तथा फील्ड विजिट शामिल है।

इसके अलावा, इस कार्यशाला में जोखिम कारक पुस्तकालयों, जोखिम और कार्रवाई रजिस्टरों, विश्लेषणात्मक उपकरणों तथा संसाधन पोर्टलों का उपयोग सिखाया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2026 के लिए 'इंटरनेशनल आईडीईए' के सदस्य देशों की परिषद की अध्यक्षता भारत के पास है। इसी के तहत आईआईआईडीईएम और इंटरनेशनल आईडीईए के सहयोग ढांचे के एक हिस्से के रूप में इस वैश्विक कार्यशाला का आयोजन किया गया है। यह वैश्विक स्तर पर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को मजबूत करने में भारत की अग्रणी भूमिका को दर्शाता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी

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