महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप: ई-बिक्स ग्रुप के चेयरमैन विकास गर्ग को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया
रायपुर, 24 जुलाई (हि.स.)। महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले में रायपुर की विशेष प्रवर्तन निदेशालय अदालत (पीएमएलए) ने ई-बिक्स ग्रुप के चेयरमैन विकास गर्ग को 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। ईडी की 10 दिनों की कस्टोडियल रिमांड खत्म होने के बाद शुक्रवार को उन्हें अदालत में पेश किया गया था।
एजेंसी के सूत्रों के अनुसार विकास गर्ग ने 10 दिन की पूछताछ में ईडी के सामने कई बड़े राज खोले हैं। बताया जा रहा है कि विकास गर्ग का महादेव ऑनलाइन सट्टा के संचालक सौरभ चंद्राकर से घनिष्ठ संबंध रहा है। जांच एजेंसी को सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल समेत दोनों की पत्नियों के बैंक खातों में पैसे जमा करवाने और महादेव ऑनलाइन सट्टे की काली रकम को वाइट मनी में परिवर्तित करने के सबूत मिले हैं। ईडी का आरोप है कि विकास गर्ग ने महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप और स्काई एक्सचेंज के मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल की अवैध सट्टेबाजी से अर्जित काली कमाई को अपनी शेल कंपनियों, लिस्टेड फर्मों और विदेशी निवेशों के माध्यम से वैध (व्हाइट मनी) बनाया।
जांच में सामने आया है कि इस अवैध धन का उपयोग विदेशों में निवेश करने और लगभग 1,175 करोड़ रुपये में एक अमेरिकी तकनीकी कंपनी में नियंत्रण हिस्सेदारी खरीदने के लिए किया गया था। 10 दिनों की गहन पूछताछ के दौरान ईडी को सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल और उनके परिवारों के बैंक खातों में बड़ी रकम जमा किए जाने तथा वित्तीय लेनदेन से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और पुख्ता सबूत मिले हैं।
जांच एजेंसी के अनुसार, विकास गर्ग विकास इकोटेक लिमिटेड, विकास लाइफकेयर लिमिटेड और एराया लाइफस्पेसेस लिमिटेड के प्रमोटर हैं। ईडी का दावा है कि एराया लाइफस्पेसेस लिमिटेड के माध्यम से कथित अवैध धन का उपयोग कर ई-बिक्स कैश में 64 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की गई। उन्हें उसके दिल्ली स्थित अवास से 14 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था।
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हिन्दुस्थान समाचार / केशव केदारनाथ शर्मा

