खड़गपुर आईआईटी में डीआरडीओ उद्योग-शैक्षणिक उत्कृष्टता केंद्र का उद्घाटन

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खड़गपुर आईआईटी में डीआरडीओ उद्योग-शैक्षणिक उत्कृष्टता केंद्र का उद्घाटन


खड़गपुर आईआईटी में डीआरडीओ उद्योग-शैक्षणिक उत्कृष्टता केंद्र का उद्घाटन


खड़गपुर आईआईटी में डीआरडीओ उद्योग-शैक्षणिक उत्कृष्टता केंद्र का उद्घाटन


खड़गपुर आईआईटी में डीआरडीओ उद्योग-शैक्षणिक उत्कृष्टता केंद्र का उद्घाटन


खड़गपुर आईआईटी में डीआरडीओ उद्योग-शैक्षणिक उत्कृष्टता केंद्र का उद्घाटन


खड़गपुर, 21 फ़रवरी (हि.स.)। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) खड़गपुर में शनिवार को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के सहयोग से स्थापित डीआरडीओ उद्योग-शैक्षणिक उत्कृष्टता केंद्र का उद्घाटन किया गया। यह पहल भारत के स्वदेशी रक्षा अनुसंधान और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। केंद्र का उद्घाटन रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव तथा डिफेंस रिसर्च एंड डिवेप्लोपमेंट ऑर्गेनाइजेशन के अध्यक्ष डॉ. एस. वी. कामत ने किया।

इस अवसर पर संस्थान के निदेशक सुमन चक्रवर्ती, तकनीक प्रबंधन महानिदेशक एल. सी. मंगल, भावी प्रौद्योगिकी प्रबंधन निदेशालय की निदेशक डॉ. एन. रंजना, उत्कृष्टता केंद्र के निदेशक प्रो. दीपक दास सहित शिक्षा, उद्योग और रक्षा अनुसंधान क्षेत्र के कई विशेषज्ञ मौजूद रहे।

यह उत्कृष्टता केंद्र देश के अग्रणी शैक्षणिक संस्थानों, उद्योगों और स्टार्ट-अप्स की विशेषज्ञता को जोड़ते हुए रक्षा अनुप्रयोगों के लिए भविष्य उन्मुख और अत्याधुनिक तकनीकों के विकास पर काम करेगा। केंद्र सहयोगात्मक मंच के रूप में कार्य करते हुए अनुप्रयुक्त अनुसंधान को गति देगा, नवाचार को बढ़ावा देगा और भारत की रणनीतिक तकनीकी आत्मनिर्भरता को सुदृढ़ करेगा। उद्घाटन के बाद मानवरहित जलमग्न वाहनों की तकनीकों में प्रगति और भविष्य की प्रवृत्तियां विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी आयोजित की गई।

संगोष्ठी में वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और उद्योग विशेषज्ञों ने स्वायत्त जलमग्न प्रणालियों, उन्नत सेंसर, रोबोटिक एक्ट्यूएटर्स तथा भविष्य की अनुसंधान दिशाओं पर विस्तृत चर्चा की। कार्यक्रम में डीआरडीओ-शिक्षा-उद्योग साझेदारी के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा गया कि इस तरह की पहलें भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने और भविष्य के लिए तैयार तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाएंगी।

संस्थान के निदेशक सुमन चक्रवर्ती ने कहा कि यह केंद्र अकादमिक उत्कृष्टता को राष्ट्रीय रणनीतिक प्राथमिकताओं से जोड़ने की दिशा में परिवर्तनकारी कदम है। उनके अनुसार, यह पहल उभरती रक्षा तकनीकों में उच्च प्रभाव वाले अनुसंधान को गति देने के साथ नवाचार, अंतःविषय सहयोग और स्वदेशी क्षमता विकास को मजबूत करेगी। उत्कृष्टता केंद्र की शुरुआत के साथ संस्थान ने शोध आधारित नवाचार में अपनी अग्रणी भूमिका को और मजबूत करते हुए विज्ञान और प्रौद्योगिकी के माध्यम से राष्ट्र सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।

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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता

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