विशेषाधिकार हनन मामला : पंजाब के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह), डीजीपी और जालंधर के पुलिस आयुक्त तलब
नई दिल्ली, 21 फ़रवरी (हि.स.)। दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार समिति ने आम आदमी पार्टी (आआपा) नेता व दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी के वीडियो जांच से संबंधित विशेषाधिकार हनन मामले में पंजाब के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह), पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और जालंधर के पुलिस आयुक्त को आज समन जारी किया है। समिति ने इन अधिकारियों को 27 फरवरी को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया है। यह समन सदन की प्रक्रिया एवं कार्य संचालन नियमावली के प्रासंगिक नियमों के तहत जारी किया गया है।
समिति ने नेता प्रतिपक्ष आतिशी से संबंधित कथित टिप्पणियों के विशेषाधिकार मामले पर विचार-विमर्श करने के लिए 27 फरवरी को अपनी बैठक निर्धारित की है। सचिवालय ने इन अधिकारियों का लिखित जवाब रिकॉर्ड पर लिया है। समिति बैठक के दौरान बारीकी से इसका परीक्षण करेगी।
सचिवालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार 13 फरवरी के पत्र में पहले ही स्पष्ट किया गया था कि विशेषाधिकार के मामले संबंधित व्यक्ति के लिए 'व्यक्तिगत' होते हैं और इनका उत्तर व्यक्तिगत क्षमता में ही दिया जाना आवश्यक है।
उल्लेखनीय है कि समिति ने इससे पहले उक्त अधिकारियों को 20 फरवरी तक अपना लिखित उत्तर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था, जिसे समिति द्वारा मांगी गई सामग्री और टिप्पणियां प्रस्तुत करने का अंतिम अवसर माना गया था। समिति ने विशेष रूप से प्राथमिकी (एफआईआर) का आधार बनने वाली मूल शिकायत की प्रतियां, स्वयं एफआईआर, और पंजाब अधिकारियों द्वारा भरोसा की गई प्रासंगिक तकनीकी और फोरेंसिक रिपोर्ट मांगी थी।
इसके अतिरिक्त, विशेषाधिकार समिति के माननीय सभापति ने संज्ञान लिया है कि पंजाब सरकार के महाधिवक्ता (एडवोकेट जनरल) की राय दिल्ली विधानसभा द्वारा उठाए गए सरोकारों को पूरी तरह से संबोधित नहीं करती है, हालांकि मामले की जांच के दौरान समिति इस पर विचार करेगी। एडवोकेट जनरल की राय की पूर्ण प्रति 27 फरवरी 2026 तक मांगी गई है। इस बीच, अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह-II), पुलिस महानिदेशक (पंजाब) और पुलिस आयुक्त (जालंधर) को समिति के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है और दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष के पूर्व अनुमोदन से अलग-अलग नोटिस/समन जारी किए जा रहे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव

