डीएफसी की बड़ी छलांग: पहली बार 25-टन एक्सल लोड मालगाड़ी ने भरी रफ्तार

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डीएफसी की बड़ी छलांग: पहली बार 25-टन एक्सल लोड मालगाड़ी ने भरी रफ्तार


नई दिल्ली, 25 मार्च (हि.स.)। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (डीएफसीसीआईएल) ने माल परिवहन के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए 25 टन एक्सल लोड वाली पहली मालगाड़ी का सफल संचालन किया है।

डीएफसीसीआईएल के एक बयान के अनुसार यह मालगाड़ी पश्चिमी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डब्ल्यूडीएफसी) पर गुजरात के न्यू गोठांगांव स्थित गति शक्ति कार्गो टर्मिनल से हरियाणा के पलवल स्थित हिंद टर्मिनल के बीच चलाई गई। करीब 100 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से चलने वाली इस ट्रेन में 45 वैगन लगाए गए, जिससे पारंपरिक मालगाड़ियों की तुलना में अधिक माल ढुलाई संभव हुई। सामान्यतः मालगाड़ियां 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से चलती हैं, जबकि यह नई ट्रेन अधिक गति और क्षमता के साथ संचालन में सक्षम है।

25 टन एक्सल लोड का सफल संचालन भारतीय रेल के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। इससे स्पष्ट होता है कि भारत भारी माल परिवहन के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है।

सरल शब्दों में, ‘एक्सल लोड’ का अर्थ रेल के पहियों के जोड़े द्वारा पटरियों पर डाले जाने वाले अधिकतम भार से है। अब तक भारतीय रेल में यह क्षमता लगभग 22.1 से 23.1 टन के बीच थी, जिसे बढ़ाकर 25 टन कर दिया गया है। इस बदलाव से प्रति वैगन माल ढुलाई क्षमता करीब 82 टन से बढ़कर 100 टन हो गई है, यानी लगभग 15 से 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

विशेषज्ञों के अनुसार इस तकनीकी उन्नयन से कम यात्राओं में अधिक माल ढुलाई संभव होगी, जिससे परिवहन लागत में कमी आएगी। इसका सीधा लाभ उद्योगों और उपभोक्ताओं को मिलेगा और भारतीय उत्पाद वैश्विक बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे। यह उपलब्धि भविष्य में 30 टन एक्सल लोड क्षमता की दिशा में भी मार्ग प्रशस्त करेगी और भारत को एक वैश्विक लॉजिस्टिक्स हब बनाने के लक्ष्य को मजबूती देगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

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