ई-कचरे के वैज्ञानिक निपटान के लिए सरकार ने शुरू किया विशेष अभियान

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ई-कचरे के वैज्ञानिक निपटान के लिए सरकार ने शुरू किया विशेष अभियान


नई दिल्ली, 24 सितंबर (हि.स.)। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करने वाले दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (डीईपीडब्ल्यूडी) ने 2 से 31 अक्टूबर तक चलने वाले राष्ट्रव्यापी ‘विशेष अभियान 6.0’ की व्यापक तैयारी शुरू कर दी है।

मंत्रालय के अनुसार इस अभियान का उद्देश्य सरकारी दफ्तरों को फाइलों के बोझ से मुक्त करना, कार्यस्थल पर स्वच्छता को संस्थागत रूप देना और ई-कचरे के वैज्ञानिक निपटान करना है। इसको प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) संचालित कर रहा है।

अभियान के सुचारू संचालन के लिए दो चरण निर्धारित किए गए हैं। पहले चरण में 16 से 30 सितंबर (लंबित मामलों व अनुपयोगी सामग्री की पहचान) तक तैयारी और दूसरे चरण में 2 से 31 अक्टूबर (निपटान और स्वच्छता गतिविधियां) तक कार्यान्वयन होगा।

विभाग ने अभियान को धरातल पर उतारने के लिए आंतरिक स्तर पर एक नोडल अधिकारी नामित कर दिया है। साथ ही अपने सभी संबद्ध एवं अधीनस्थ कार्यालयों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और स्वायत्त निकायों को निर्देश जारी किए हैं कि वे भी नोडल अधिकारी नियुक्त करें और डीएआरपीजी के तय मानकों के अनुरूप स्क्रैप, ई-कचरे और लंबित फाइलों को चिह्नित करें।

विभाग पिछले वर्ष (अक्टूबर 2025) चलाए गए 'विशेष अभियान 5.0' की उपलब्धियों को इस बार और विस्तार देने की दिशा में काम कर रहा है। पिछले अभियान के मुख्य परिणामों में 11,972 भौतिक फाइलों और दस्तावेजों का निस्तारण एवं डिजिटलीकरण, अनुपयोगी सामग्री हटाकर लगभग 15,588 वर्ग फुट कार्यालयी स्थान खाली कराया गया, कबाड़ एवं अनुपयोगी सामान के निपटान से 14,47,619 रुपये का राजस्व प्राप्त करना तथा देश भर के विभिन्न केंद्रों पर 64 इनडोर और आउटडोर स्वच्छता अभियान शामिल है। हर महीने चलाए जा रहे स्वच्छता अभियान की प्रगति रिपोर्ट को विशेष अभियान पोर्टल पर नियमित रूप से अपडेट किया जा रहा है।

मंत्रालय के मुताबिक 'विशेष अभियान 6.0' के तहत विभाग का मुख्य फोकस अप्रचलित कंप्यूटर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और ई-कचरे के सुरक्षित एकत्रीकरण, पृथक्करण और जिम्मेदारीपूर्ण निपटान पर रहेगा। विभाग का उद्देश्य निष्क्रिय संसाधनों और फाइलों के अंबार को दक्षता, पारदर्शिता और बेहतर कार्यस्थल संस्कृति में बदलना है।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी

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