दिल्ली ड्राफ्ट मतदाता सूची में कम हुए 47. 7 लाख मतदाता
नई दिल्ली, 31 अगस्त (हि.स.)। दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया के बाद तैयार की गई मसौदा मतदाता सूची में 1 करोड़ 45 लाख से अधिक मतदाताओं में से केवल 97 लाख मतदाताओं के नाम ही शामिल किए गए हैं। यह संख्या कुल मतदाताओं की करीब 67.22 प्रतिशत है।
दिल्ली में एसआईआर के तहत 30 जून से 17 अगस्त तक चले अभियान के तहत घर-घर जाकर और ऑनलाइन माध्यम से मतदाता सूची को अपडेट कराने की प्रक्रिया पूरी की गई।
चुनाव आयोग के मुताबिक स्थाई रूप से पता बदलने, अपने आवास पर उपलब्ध न होने और अन्य कारणों से फॉर्म नहीं जमा कराने वाले मतदाताओं की संख्या 43,32,775 (29.86 प्रतिशत) है। इसके अलावा 2,82,412 (0.98 प्रतिशत) मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है और 1,41,535 (1.95 प्रतिशत) मतदाताओं का नाम एक से अधिक स्थान पर पाया गया है। कुल मिलाकर दिल्ली से 47, 56,722(67.22 प्रतिशत) नाम मसौदा मतदाता सूची में शामिल नहीं किए गए हैं। चुनाव आयोग की ओर से दिए गए आंकड़ों के अनुसार अब तक दिल्ली में 1,45,10,299 मतदाता थे।
मसौदा मतदाता सूची में पुरुष मतदाताओं की संख्या 49,88,993 है। महिला मतदाताओं की संख्या 47,64,137 है। ट्रांसजेंडर की संख्या 447 है। 18 से 19 वर्ष के युवा मतदाताओं की संख्या 1,03,870 है। 85 वर्ष से अधिक आयु के 40,871 मतदाता हैं और 189 मतदाता 100 से अधिक आयु का आंकड़ा पार कर चुके हैं।
चुनाव आयोग का कहना है कि राज्य के छूट गए मतदाता अब भी मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा सकते हैं। इसके तहत अगले एक महीने यानी 30 सितंबर तक दावे और आपत्तियां फॉर्म 6 के माध्यम से एक प्रक्रिया के तहत जमा कराए जा सकते हैं। अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर को जारी की जाएगी। इससे पहले 29 अक्टूबर तक दावे और आपत्तियों का निपटान किया जाएगा।
चुनाव आयोग के अनुसार इसी दौरान आयोग के दिशा-निर्देश में मतदान केन्द्रों की भी पुनर्व्यवस्था की गई है। मतदाताओं की संख्या प्रति मतदान केंद्र 1500 से घटाकर अब 1200 रखी गई है। इसके कारण दिल्ली में अब 13033 मतदान केन्द्रों की संख्या बढ़कर 14,947 यानी 1914 मतदान केंद्र बढ हैं। इसके अलावा मतदान स्थलों की भी संख्या 2,696 से बढ़ाकर 2,856 की गई है इससे 160 मतदान स्थलों की संख्या बढ़ाई गई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव

