दिल्ली दंगों में निष्पक्ष जांच हमारी प्राथमिकता थी : पुलिस आयुक्त सतीश गोलछा

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नई दिल्ली, 13 जुलाई (हि.स.)। उत्तर-पूर्वी दिल्ली में वर्ष 2020 में हुए दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के बहुचर्चित मामले में अदालत द्वारा पांच दोषियों को सजा सुनाए जाने के बाद दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलछा ने कहा कि दंगों के समय पुलिस की प्राथमिकता कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ निष्पक्ष, पारदर्शी और साक्ष्य आधारित जांच सुनिश्चित करना थी। उन्होंने कहा कि अदालत के फैसले से जांच टीम की कड़ी मेहनत और पेशेवर कार्यशैली पर न्यायिक मुहर लगी है।

सतीश गोलछा उस समय दिल्ली पुलिस में स्पेशल कमिश्नर ऑफ पुलिस के पद पर तैनात थे और दंगों से जुड़े मामलों की जांच की निगरानी कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हिंसा के दौरान पुलिस के सामने कानून-व्यवस्था बहाल रखने के साथ-साथ प्रत्येक मामले की निष्पक्ष जांच करना बड़ी चुनौती थी। इसके बावजूद जांच अधिकारियों ने पूरी निष्ठा और पेशेवर तरीके से काम करते हुए विश्वसनीय साक्ष्य जुटाए और दोषियों को कानून के दायरे में लाने का हरसंभव प्रयास किया।

उन्होंने कहा, दिल्ली दंगों के दौरान हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी कानून-व्यवस्था बनाए रखना और निष्पक्ष, साक्ष्य आधारित जांच सुनिश्चित करना थी। अदालत के फैसले से यह संतोष है कि जांच टीम की मेहनत और पेशेवर कार्यशैली न्यायिक कसौटी पर खरी उतरी है। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली पुलिस 2020 के दंगों के दौरान हुए अपराधों में शामिल सभी आरोपियों को कानून की प्रक्रिया के तहत न्याय के कटघरे तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

वहीं, स्पेशल सीपी (क्राइम) एचजीएस धालीवाल ने कहा कि आईबी अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के सबसे चर्चित मामलों में से एक था। इस मामले की जांच दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने की थी। उन्होंने बताया कि अदालत ने ताहिर हुसैन, जावेद, अनस, नाजिम और कासिम को हत्या सहित भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं में दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है।

धालीवाल ने कहा कि यह मामला बेहद संवेदनशील और हाई-प्रोफाइल था, जिसकी पूरे देश में व्यापक चर्चा हुई। क्राइम ब्रांच ने वैज्ञानिक साक्ष्यों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य सबूतों के आधार पर विस्तृत जांच की। इसी मजबूत जांच के कारण अभियोजन पक्ष अदालत के समक्ष प्रभावी ढंग से अपना पक्ष रखने में सफल रहा और दोषियों को सजा मिली।

दिल्ली पुलिस का कहना है कि दंगों से जुड़े अन्य मामलों में भी कानून के अनुसार कार्रवाई जारी रहेगी और सभी दोषियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत कानून के कटघरे तक लाया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी

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