आईजीएनसीए और गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के बीच समझौता

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आईजीएनसीए और गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के बीच समझौता


नई दिल्ली, 16 अप्रैल (हि.स.)। भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण के बीच सेतु बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र (आईजीएनसीए) और गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय (जीबीयू), नोएडा ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

आईजीएनसीए की विज्ञप्ति के अनुसार इस साझेदारी का प्राथमिक लक्ष्य भारत के परम्परागत ज्ञान का आधुनिक विज्ञान के साथ समन्वय करना है। दोनों संस्थान मिलकर ज्ञान के नए आयामों की खोज करेंगे और अनुसंधान के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देंगे।

समझौता पत्र पर आईजीएनसीए की ओर से प्रो. (डॉ.) रमेश चंद्र गौड़ और जीबीयू की ओर से रजिस्ट्रार प्रो. चंद्र कुमार सिंह ने हस्ताक्षर किए।

डॉ. सच्चिदानंद जोशी ने कहा कि यह समझौता ज्ञापन एक अनोखी और नई पहल है। यह ज्ञान के क्षेत्र में एक नए आयाम का मार्ग प्रशस्त करेगा।

जीबीयू के कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह ने कहा कि डिजिटली पाण्डुलिपियों में उपयोगी विचार, जानकारी और अनुवाद उपलब्ध हैं। उन पर शोध किया जा सकता है। साथ ही, उनकी वर्तमान प्रासंगिकता को समझकर यह देखा जा सकता है कि वे समाज और आम जनता के लिए किस प्रकार उपयोगी हो सकते हैं। इस प्रकार की ज्ञान-आधारित परियोजनाओं पर हम मिलकर काम कर सकते हैं क्योंकि हमारे पास उससे सम्बंधित सामग्री उपलब्ध है।

प्रो. रमेश चंद्र गौड़ ने कहा कि पिछले लगभग सात वर्षों में हमने इन सभी पाण्डुलिपियों की विवरणात्मक सूची (डिस्क्रिप्टिव कैटलॉग) भी तैयार की है। इसमें यह जानकारी है कि वेदांत, बौद्ध धर्म, आयुर्वेद आदि विषयों पर कौन-कौन सी पाण्डुलिपियां उपलब्ध हैं। हमने कुल 53 विषय-क्षेत्रों की पहचान की है। इसलिए यदि हमें बौद्ध धर्म और आयुर्वेद पर कार्य प्रारम्भ करना हो, तो हमारे पास पहले से तैयार सूची उपलब्ध है कि आयुर्वेद पर कितनी पाण्डुलिपियां हैं और बौद्ध धर्म पर कितनी हैं।

प्रो. धर्मचंद चौबे ने कहा कि इस समझौते के पहले चरण के क्रियान्वयन के क्रम में सबसे पहले आईजीएनसीए मैप मॉडल ‘बुद्ध शासनं चिरं तिष्ठतु’ (बुद्ध की शिक्षाएं चिरस्थायी हैं) को जीबीयू में स्थापित कर रहा है। इस मैप मॉडल में भगवान बुद्ध के जीवन से जुड़े प्रमुख स्थानों और बौद्ध धर्म के भारत तथा एशिया के विभिन्न क्षेत्रों में प्रसार को मानचित्र के माध्यम से दिखाया गया है।

इस अवसर पर आईजीएनसीए के सदस्य सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी, डीन एवं कलानिधि प्रभाग के प्रमुख प्रो. (डॉ.) रमेश चंद्र गौड़, जीबीयू के कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह, रजिस्ट्रार प्रो. चंद्र कुमार सिंह, प्रो. उत्तम कुमार, कलाकोश एवं सीआईएल प्रभाग के प्रमुख प्रो. सुधीर लाल, मीडिया प्रभाग के प्रमुख अनुराग पुनेठा और बृहत्तर भारत एवं क्षेत्र अध्ययन प्रभाग के प्रमुख प्रो. धर्मचंद चौबे सहित कई अध्यापक और अधिकारी मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी

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