“पावरिंग हेल्थ” पुस्तक उत्तम स्वास्थ्य और सही जीवनशैली की मार्गदर्शिका: रामबहादुर राय
नई दिल्ली, 15 जून (हि.स.)। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) के अध्यक्ष रामबहादुर राय ने कहा कि “पावरिंग हेल्थ” पुस्तक सिर्फ योग पर नहीं बल्कि संतुलित आहार और योगाभ्यास द्वारा एक स्वस्थ जीवन जीने के उपायों पर आधारित है।
रामबहादुर राय ने यह बात दिल्ली स्थित आईजीएनसीए के कलानिधि विभाग की ओर से “पावरिंग हेल्थ” पुस्तक के लोकार्पण एवं परिचर्चा कार्यक्रम के दौरान कही। कार्यक्रम के दौरान पुस्तक के अंग्रेजी और हिंदी दोनों संस्करणों का आधिकारिक लोकार्पण किया गया। इस पुस्तक के लेखक सुनील कुमार सिन्हा हैं।
रामबहादुर राय ने कहा, “यह पुस्तक केवल योग के संकुचित दृष्टिकोण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संतुलित आहार और योगाभ्यास के माध्यम से एक संतुलित जीवन विकसित करने की व्यावहारिक मार्गदर्शिका है। यह किताब अच्छे स्वास्थ्य के महत्व को समझाने के साथ-साथ सही खान-पान के जरिए शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करती है।
सिन्हा ने अपनी कृति “पावरिंग हेल्थ” के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इस पुस्तक में कई महत्वपूर्ण विषयों को भारतीय ज्ञान-परम्परा और आधुनिक जीवन-शैली के तालमेल के साथ प्रस्तुत किया गया है। इनमें संतुलित आहार और योगाभ्यास का अनूठा समन्वय, शरीर और मन को शुद्ध करने की प्राचीन व आधुनिक विधियां, प्रकृति के अनुसार जैविक दिनचर्या चक्र को व्यवस्थित करना शामिल हैं।
मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता शाजिया इल्मी ने कहा कि जीवन मुख्यतः मन को जीतने का नाम है, क्योंकि मन ही हमारे भीतर के संघर्षों का कारण बनता है। यह पुस्तक योग के माध्यम से स्वयं से जुड़ने, आंतरिक संतुलन प्राप्त करने और अपनी जड़ों की ओर लौटने की प्रेरणा देती है।
इंडिया फ़ाउंडेशन के कार्यकारी उपाध्यक्ष कैप्टन आलोक बंसल ने भारतीय ज्ञान-परम्परा और आधुनिक विज्ञान के बीच समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
प्रो. (डॉ.) रमेश सी. गौड़ (डीन एवं प्रमुख, कलानिधि विभाग) ने कहा कि आईजीएनसीए भारतीय परंपराओं और ज्ञान के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है और यह पुस्तक हर आयु वर्ग के व्यक्ति को पढ़नी चाहिए।
उच्चतम न्यायालय के अधिवक्ता एवं विश्व योगासन चैम्पियन तेजस्वी कुमार शर्मा ने स्पष्ट किया कि यह एक भ्रांति है कि योग केवल आसन और प्राणायाम तक सीमित है। वास्तव में यह मनुष्य के संपूर्ण कल्याण का समग्र विज्ञान है।
इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्वानों, योग साधकों, स्वास्थ्य विशेषज्ञों और अतिथिगण मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी

