एआई क्षमताओं के निर्माण से सार्वजनिक सेवाओं में और सुधार आएगा : विवेक अग्रवाल
नई दिल्ली, 13 जुलाई (हि.स.)। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल ने कहा कि एआई क्षमताओं के निर्माण से सार्वजनिक सेवाओं में सुधार के साथ- साथ ज्ञान का संरक्षण भी होगा और विशेष जानकारियां लोगों तक आसानी से पहुंच सकेंगी।
विवेक अग्रवाल ने यह बात आज नई दिल्ली स्थित सम्राट होटल भारत पर्यटन विकास निगम (आईटीडीसी) ने सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों की सर्वोच्च संस्था, स्टैंडिंग कांफ्रेंस ऑफ़ पब्लिक इंटरप्राइजेज (स्कोप) और लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (एलबीएसएनएए) के सहयोग से आयोजित 'एआई डिजिटल शासन चैंपियन्स' शिखर सम्मेलन के उद्घाटन पर कही। तीन दिवसीय कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शासन और सार्वजनिक क्षेत्र के नेतृत्व के लिए व्यावहारिक एआई क्षमताओं का निर्माण करना है
उन्होंने कहा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस संगठनों की कार्यक्षमता और उत्पादकता बढ़ाने में पहले से ही अहम भूमिका निभा रहा है।
क्षमता निर्माण आयोग की अध्यक्ष एस. राधा चौहान ने कहा, कि वास्तविक चुनौती यह सीखना नहीं है कि एआई टूल्स का उपयोग कैसे किया जाए बल्कि यह समझना है कि सार्थक समस्याओं को हल करने के लिए उनका उपयोग कहां और क्यों किया जाना है।
लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी के निदेशक श्रीराम तारणीकांति का संदेश देते हुए, एलबीएसएनएए के संयुक्त निदेशक गणेश शंकर मिश्रा ने कहा कि एआई को अक्सर टूल, मॉडल और एप्लिकेशन्स की भाषा के माध्यम से पेश किया जाता है लेकिन नेताओं और शीर्ष नेतृत्व के लिए इसे एक व्यापक दायरे में समझा जाना चाहिए। एआई केवल एक सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) परियोजना नहीं है। यह एक नेतृत्व की चुनौती है, एक डेटा शासन की चुनौती है और इन सबसे बढ़कर, यह एक क्षमता-निर्माण की चुनौती है।
स्कोप के महानिदेशक अतुल सोबती ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस निस्संदेह एक अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र है और जो संगठन इसे अपनाने में विफल रहेंगे, उनके लिए आने वाले वर्षों में प्रतिस्पर्धी बने रहना लगातार कठिन होता जाएगा।
इस कार्यक्रम को वरिष्ठ नेतृत्व के साथ-साथ परिचालन टीमों को उनके संगठनों के भीतर कृत्रिम मेधा के व्यावहारिक अनुप्रयोग में प्रशिक्षित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो भारत सरकार के 'इण्डिया-एआई मिशन' के अनुरूप है।
इसमें एआई-संचालित संगठनात्मक परिवर्तन, डेटा-आधारित निर्णय लेने और सार्वजनिक क्षेत्र के संगठनों में जेनरेटिव एआई को जिम्मेदारी से अपनाने की व्यावहारिक कार्यशालाएं शामिल हैं। इसके सत्रों में एआई-सक्षम उत्पादकता, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग, दस्तावेज़ विश्लेषण, डेटा निष्कर्षण और 'क्लाउड' के उपयोग से ड्राफ्टिंग शामिल हैं, जो प्रतिभागियों को प्रशासनिक और निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में एआई को एकीकृत करने के व्यावहारिक कौशल सिखाते हैं। यह नई दिल्ली में एलबीएसएनएए द्वारा आयोजित किया जाने वाला पहला कार्यक्रम है।
इस मौके पर भारत पर्यटन विकास निगम (आईटीडीसी) की प्रबंध निदेशक मुग्धा सिन्हा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी

