यौन उत्पीड़न मामले में कांग्रेस सांसद अकोइजाम पर कार्रवाई की मांग को लेकर भाजपा महिला मोर्चा का प्रदर्शन
नई दिल्ली, 12 अक्टूबर (हि.स.)। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के पूर्व प्रोफेसर और मणिपुर से कांग्रेस सांसद आंगोमचा बिमोल अकोइजाम के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने सोमवार को दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय की ओर मार्च किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के खिलाफ नारेबाजी की और उनसे अपनी पार्टी के सांसद के मामले में जवाब देने तथा कार्रवाई करने की मांग की।
भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने दावा किया कि जेएनयू की आंतरिक समिति की नौ अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट में 11 छात्राओं द्वारा अकोइजाम के खिलाफ लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों की पुष्टि हुई, जिसके बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से सवाल किया कि वह अब तक इस मामले में मौन क्यों हैं और उन्होंने अपने सांसद के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की।
स्वराज ने कहा, “क्या ‘स्मैश द पैट्रियार्की’ आपके लिए सिर्फ चुनावी जुमला है? अगर ऐसा नहीं है तो बिमोल अकोइजाम के खिलाफ कार्रवाई कीजिए।” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राहुल गांधी की महिला सशक्तीकरण से जुड़ी नीतियों की तुलना करते हुए कांग्रेस पर महिला आरक्षण के क्रियान्वयन में बाधा डालने और अपने सांसद को संरक्षण देने का आरोप लगाया।
भाजपा सांसद कमलजीत सहरावत ने भी राहुल गांधी से इस मामले में जवाब देने की मांग की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को उन छात्राओं के प्रति जवाबदेह होना चाहिए, जो जेएनयू जैसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में भरोसे के साथ पढ़ने आई थीं। सहरावत ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सांसद के खिलाफ शिकायतों के बावजूद पार्टी नेतृत्व चुप है। उन्होंने राहुल गांधी के ‘स्मैश द पैट्रियार्की’ नारे का उल्लेख करते हुए पूछा कि क्या उन्हें 11 छात्राओं की शिकायतें सुनाई नहीं दे रही हैं।
भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस मुख्यालय की ओर मार्च करते हुए राहुल गांधी के खिलाफ नारेबाजी की और उनका पुतला जलाया। पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व अपने सांसद पर लगे गंभीर आरोपों पर जवाब देने से बच रहा है।
अकोइजाम जेएनयू के स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज के सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ सोशल सिस्टम्स में प्रोफेसर थे। विश्वविद्यालय ने नौ अक्टूबर को उन्हें तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया था। इस साल मई में कम से कम 11 छात्राओं ने उनके खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई थीं। शिकायतों में अनुचित टिप्पणियों और यौन उत्पीड़न की कोशिश के आरोप शामिल थे। अकोइजाम इन आरोपों से इनकार कर चुके हैं।
जेएनयू के मुख्य सुरक्षा अधिकारी की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने 11 अक्टूबर को अकोइजाम के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। मामले में यौन उत्पीड़न और महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने से संबंधित आरोप शामिल हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

