कला और परंपरा का भव्य संगम: मंडी हाउस में सजेगा ‘दिल्ली कला उत्सव’
नई दिल्ली, 27 फरवरी (हि.स.)। दिल्ली में संस्कार भारती दिल्ली सरकार के सहयोग से 28 फरवरी और 1 मार्च को मंडी हाउस स्थित रवींद्र भवन में दो दिवसीय भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘दिल्ली कला उत्सव’ का आयोजन करेगा।
उत्सव का उद्देश्य भारतीय कला, संस्कृति और परंपरा की विविध धाराओं को एक मंच पर प्रस्तुत करना है, जहां ख्यातिप्राप्त कलाकारों के साथ-साथ नवोदित प्रतिभाओं को भी अपनी कला दिखाने का अवसर मिलेगा। मंडी हाउस में आयोजित हो रहा यह ‘दिल्ली कला उत्सव’ का तीसरा संस्करण है, जिसे पूर्व वर्षों में व्यापक सराहना प्राप्त हुई है।
आयोजकों के अनुसार यह उत्सव भारतीय कलाओं के संरक्षण और संवर्धन के उद्देश्य से समर्पित है। इसमें शास्त्रीय एवं लोक नृत्य, संगीत और गायन प्रस्तुतियां, नाट्य मंचन, कवि सम्मेलन, चित्रकला एवं मूर्तिकला प्रदर्शनी सहित अनेक पारंपरिक कलाओं का प्रदर्शन किया जाएगा।
कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षणों में कठपुतली कला बायस्कोप कुम्हार कला प्रदर्शन, पारंपरिक शिल्पकारों की सहभागिता बहुरूपिया जादू कला लाख की चूड़ियां लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां तथा पुस्तकों के स्टॉल शामिल हैं।
इस वर्ष उत्सव में ‘दिल्ली-6’ के पारंपरिक व्यंजन भी विशेष आकर्षण रहेंगे जहां आगंतुक सामान्य शुल्क पर पुरानी दिल्ली के प्रामाणिक स्वाद का आनंद ले सकेंगे। आयोजकों का कहना है कि कला के साथ-साथ सांस्कृतिक खान-पान का अनुभव भी इस आयोजन को विशिष्ट बनाता है।
प्रतिदिन दोपहर 2:00 बजे से रात्रि 9:00 बजे तक आयोजित होने वाला यह उत्सव आगामी होली पर्व से पूर्व राजधानी में सांस्कृतिक उत्साह का वातावरण तैयार करेगा। परिवारों विद्यार्थियों और कला प्रेमियों के लिए भारतीय संस्कृति के विविध रंगों और परंपराओं को निकट से जानने का यह एक महत्वपूर्ण अवसर होगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी

