अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त सेवाकाल देने का मिलेगा अवसर : राजनाथ सिंह
-दीपावली पर बागडोगरा में सेना और वायुसेना के जवानों के साथ मनाया त्योहार- आठ नवंबर को सिक्किम में जवानों से करेंगे मुलाकात
बागडोगरा/गंगटोक, 07 नवंबर (हि.स.)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अग्निपथ योजना को लेकर शनिवार को कहा कि चार वर्ष का निर्धारित सेवाकाल पूरा करने वाले शेष 75 प्रतिशत अग्निवीरों को उनकी इच्छा और कार्यकुशलता के आधार पर दो वर्ष का अतिरिक्त सेवाकाल देने का अवसर मिलेगा। निर्धारित मानकों और मानदंडों को पूरा करने वाले अग्निवीरों को नियमित सैनिक के रूप में सेना में शामिल होने का अवसर भी दिया जाएगा। इस पहल से युवाओं को मातृभूमि की सेवा करने का एक और अवसर मिलेगा।
रक्षा मंत्री ने पूर्वोत्तर भारत की सुरक्षा में बागडोगरा क्षेत्र के सामरिक महत्व को रेखांकित करते हुए यहां तैनात वायुसेना कर्मियों से पूरी सतर्कता और अभियान संबंधी तैयारियां बनाए रखने का आह्वान किया। सिक्किम रवाना होने से पहले सिलीगुड़ी के बागडोगरा एयरफील्ड में वायुसेना कर्मियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आधुनिक युद्ध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। अब युद्ध केवल सीमाओं पर होने वाली पारंपरिक लड़ाई तक सीमित नहीं रह गया है। साइबर हमले, ड्रोन हमले, छद्म युद्ध और सोशल मीडिया के माध्यम से भ्रामक सूचनाएं फैलाना भी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौतियां बन गए हैं।
राजनाथ सिंह ने यह घोषणा दीपावली की पूर्व संध्या पर पश्चिम बंगाल के बागडोगरा एयरफील्ड में भारतीय वायुसेना की पूर्वी वायु कमान की ओर से आयोजित समारोह के दौरान की। इस अवसर पर उन्होंने भारतीय सेना और वायुसेना के जवानों के साथ दीपावली मनाई तथा जवानों और उनके परिवारों को त्योहार की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सैनिकों से बातचीत कर उनका उत्साहवर्धन किया और मिठाइयां बांटकर उनके साथ खुशियां साझा कीं। कार्यक्रम में वायुसेना के एक जवान ने गीत भी प्रस्तुत किया।
रक्षा मंत्री ने देश की सुरक्षा में तैनात सैनिकों के साहस, समर्पण और बलिदान की सराहना करते हुए कहा कि त्योहारों के अवसर पर हर व्यक्ति को अपने परिवार और घर की याद आती है, लेकिन जवान अपनी भावनाओं को सीने में समेटकर दिन-रात देशवासियों की सुरक्षा में मुस्तैद रहते हैं। उनके त्याग और तपस्या को शब्दों में व्यक्त करना आसान नहीं है। उन्होंने पूरे देश की ओर से जवानों की निष्ठा और समर्पण का अभिनंदन किया।
राजनाथ सिंह ने कहा कि दुश्मन सोशल मीडिया को हथियार बनाकर भ्रामक सूचनाएं फैलाने और लोगों को भड़काने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में सेना के जवानों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। उन्होंने जवानों को हर परिस्थिति में सतर्क और सजग रहने की सलाह दी।
रक्षा मंत्री ने कहा कि बागडोगरा और आसपास का क्षेत्र देश की सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से बेहद संवेदनशील और सामरिक महत्व रखता है। पूर्वोत्तर की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी इस क्षेत्र की अहम भूमिका है। यहां तैनात वायुसेना के जवान पूरे क्षेत्र की सुरक्षा के लिए मजबूत ढाल के रूप में काम कर रहे हैं।
बागडोगरा एयरफील्ड में आयोजित कार्यक्रम के बाद रक्षा मंत्री का सुकना में सेना के जवानों से मुलाकात करने का भी कार्यक्रम है। इस दौरान वह जवानों से संवाद कर उनका मनोबल बढ़ाएंगे।
वहीं, रक्षा मंत्री के सिक्किम दौरे को लेकर भी तैयारियां की गई हैं। वह आठ नवंबर को सिक्किम पहुंचेंगे। इस दौरान पूर्वी सिक्किम के नाथुला क्षेत्र में भारत-चीन सीमा पर तैनात भारतीय सेना के जवानों के साथ दीपावली मनाने और उनसे बातचीत करने का कार्यक्रम है। सूत्रों के अनुसार, अपने दौरे के दौरान वह भारत-चीन सीमावर्ती क्षेत्र स्थित शेरेथांग युद्ध स्मारक पहुंचकर राष्ट्रसेवा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
इसके अलावा वह कठिन भौगोलिक और प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों के बीच देश की सीमाओं की सुरक्षा में तैनात जवानों से मुलाकात कर उनके सेवा, समर्पण और बलिदान के प्रति सम्मान व्यक्त करेंगे।
उल्लेखनीय है कि राजनाथ सिंह इससे पहले भी विभिन्न राष्ट्रीय और सांस्कृतिक पर्व सीमावर्ती तथा ऊंचाई वाले हिमालयी क्षेत्रों में तैनात सैनिकों के साथ मनाते रहे हैं।------------
हिन्दुस्थान समाचार / Bishal Gurung

