डीडीडब्ल्यूएस ने 8वें 'जिला कलेक्टर पेयजल संवाद' का आयोजन किया

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डीडीडब्ल्यूएस ने 8वें 'जिला कलेक्टर पेयजल संवाद' का आयोजन किया


नई दिल्ली, 15 मई (हि.स.)। केन्द्र सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (डीडीडब्ल्यूएस) ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 'जिला कलेक्टर पेयजल संवाद' के 8वें संस्करण का आयोजन किया।

जल शक्ति मंत्रालय के अनुसार इस महत्वपूर्ण बैठक में जल जीवन मिशन (जेजेएम) 2.0 के कार्यान्वयन में तेजी लाने, भविष्य की चुनौतियों और जिलों द्वारा अपनाई गई सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।

डीडीडब्ल्यूएस सचिव अशोक के.के. मीना ने बताया कि 2019 में शुरू हुए मिशन ने ग्रामीण जल आपूर्ति का परिदृश्य बदल दिया है। अब तक लगभग 81 प्रतिशत ग्रामीण घरों में नल से जल पहुंचाया जा चुका है। जेजेएम 2.0 की अवधि अब दिसंबर 2028 तक बढ़ा दी गई है। बुनियादी ढांचे की दीर्घकालिक कार्यक्षमता के लिए इसे ग्राम पंचायतों को सौंपना और स्थानीय सेवा प्रदाताओं के रूप में उनकी भूमिका सुनिश्चित करना अनिवार्य है।

उन्होंने जिला कलेक्टरों से मासिक पेयजल आपूर्ति एवं स्वच्छता समीक्षा बैठकें नियमित रूप से आयोजित करने और उनकी प्रगति को डैशबोर्ड पर अपडेट करने का आग्रह किया।

बैठक के दौरान 'सुजलम भारत पीएम गति शक्ति' मोबाइल एप्लिकेशन के प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग मॉड्यूल पर एक प्रस्तुति दी गई।

उप सचिव डॉ. अंकिता चक्रवर्ती ने बताया कि यह मॉड्यूल योजनाओं के निर्माण से लेकर उन्हें सौंपने तक की वास्तविक समय निगरानी सुनिश्चित करेगा।

एनजेजेएम निदेशक वाई.के. सिंह ने सीआईआरपी ढांचे के माध्यम से सुधारों और वित्तीय पारदर्शिता पर जोर दिया।

संवाद के दौरान छह जिलों ने अपने क्षेत्र में किए गए अभिनव प्रयोगों को साझा किया। इनमें महाराष्ट्र के नागपुर लाडगांव में वर्षा जल संचयन के जरिए सौर ऊर्जा संचालित सस्ती पाइप जलापूर्ति प्रणाली, ओडिशा के कोरापुट जिले में दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में झरनों पर आधारित गुरुत्वाकर्षण प्रणाली और डिजिटल निगरानी, केरल के कोल्लम जिले में 100 प्रतिशत मीटर युक्त कनेक्शन और 'कुडुम्बश्री' इकाइयों द्वारा बिलिंग व वसूली, उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में धारा से धरोहर तक अभियान के तहत नदियों (बान, सोत, मालन) का पुनर्जीवन, राजस्थान के पाली जिले में जल संकट के समाधान के लिए सतही और भूजल का संयुक्त उपयोग एवं सामुदायिक क्षमता निर्माण तथा धनबाद झारखंड सूखे बोरवेलों का पुनरुद्धार और 'जल सेवा ऐप' के जरिए रियल-टाइम शिकायत निवारण शामिल है।

अतिरिक्त सचिव एवं मिशन निदेशक कमल किशोर सोआन ने जमीनी स्तर पर समन्वय और नेतृत्व की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने सभी अधिकारियों को 22 मई, 2026 को होने वाली आगामी बैठक में पूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, जहां जेजेएम 2.0 और स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के परिचालन दिशानिर्देशों पर विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।

इस संवाद में देश भर के जिला कलेक्टर, मिशन निदेशक और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिसका उद्देश्य एक-दूसरे के अनुभवों से सीखकर 'हर घर जल' के लक्ष्य को स्थाई बनाना है।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी

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