अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़, 18.47 लाख नशीली गोलियां जब्त

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अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़, 18.47 लाख नशीली गोलियां जब्त


नई दिल्ली, 23 फरवरी (हि.स.)। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (सेंट्रल रेंज) यूनिट ने अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय एक बड़े अवैध फार्मास्युटिकल ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस संबंध में पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर 18,47,400 साइकोट्रोपिक टैबलेट बरामद की हैं जिनकी कीमत करीब आठ से नौ करोड़ रुपये आंकी गई है।

क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त विक्रम सिंह ने सोमवार को बताया कि मामले की शुरुआत 7 अक्टूबर 2025 को हुई, जब मदनपुर खादर एक्सटेंशन स्थित मेहक अपार्टमेंट के पास पुलिस ने जाल बिछाकर मोहम्मद आबिद (50) को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से 54 हजार ट्रामाडोल (Treken-100) टैबलेट बरामद की गईं। इस संबंध में एफआईआर संख्या 296/25 एनडीपीएस एक्ट की धारा 22/25 के तहत दर्ज की गई। पूछताछ में आबिद ने खुलासा किया कि वह दवाएं जावेद खान से लेता था। जावेद की गिरफ्तारी 30 अक्टूबर 2025 को हुई। उसने सप्लायर के रूप में समालखा स्थित प्रह्लाद लॉजिस्टिक्स के मालिक सुनील कुमार का नाम बताया। सुनील की गिरफ्तारी 2 नवंबर 2025 को हुई। जिसने आगे विष्णु दत्त शर्मा का नाम उजागर किया। विष्णु दत्त शर्मा ने खुलासा किया कि विकास सिंह उर्फ ईश्वर सिंह और टीसी सेडाना भी नेटवर्क से जुड़े हैं। विकास को 6 नवंबर 2025 को गिरफ्तार किया गया। एक अन्य आरोपित नौशाद उर्फ बबलू की तलाश जारी है और उसे घोषित अपराधी घोषित करने की प्रक्रिया चल रही है।

जांच में सामने आया कि विष्णु दत्त शर्मा ने घरेलू सामान के नाम पर एक कंटेनर में 32 बक्सों में ट्रामाडोल और अन्य प्रतिबंधित दवाएं छिपाकर यूनाइटेड किंगडम भेजी थीं। क्राइम ब्रांच ने कस्टम विभाग से समन्वय कर कंटेनर को रोका। खेप यूके में डिलीवर नहीं हो सकी और भारत वापस मंगाई गई। 16 फरवरी 2026 को गुजरात के मुंद्रा पोर्ट स्थित सीबर्ड सीएफएस वेयरहाउस में ड्रग इंस्पेक्टर, एफएसएल टीम और कस्टम एसआईटी की मौजूदगी में संयुक्त छापेमारी कर 13.80 लाख अल्प्राजोलम, 1.95 लाख अन्य अल्प्राजोलम टैबलेट, 94 हजार और 41,600 ट्रामाडोल, 30 हजार जोल्पिडेम और 52 हजार नाइट्राजेपाम टैबलेट जब्त की गईं। कुल वजन 528.402 किलोग्राम पाया गया।

मोहम्मद आबिद स्थानीय सप्लाई संभालता था। जावेद खान कस्टम हाउस एजेंट के रूप में दस्तावेजी प्रक्रिया का फायदा उठाता था। सुनील कुमार अपने वेयरहाउस से भंडारण और ट्रांसपोर्ट में मदद करता था। विष्णु दत्त शर्मा निर्यात के जरिए अंतरराष्ट्रीय सप्लाई करता था, जबकि विकास सिंह अपनी कूरियर कंपनी के माध्यम से नेटवर्क को लॉजिस्टिक सपोर्ट देता था। सभी आरोपितों को एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क के खिलाफ बड़ी सफलता है। मामले की आगे जांच जारी है और अन्य संभावित कड़ियों की तलाश की जा रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी

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