राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन से मिले रूसी संसदीय प्रतिनिधिमंडल, आतंकवाद के खिलाफ सहयोग पर चर्चा

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राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन से मिले रूसी संसदीय प्रतिनिधिमंडल, आतंकवाद के खिलाफ सहयोग पर चर्चा


राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन से मिले रूसी संसदीय प्रतिनिधिमंडल, आतंकवाद के खिलाफ सहयोग पर चर्चा


नई दिल्ली, 27 अक्टूबर (हि.स.)। राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने मंगलवार को रूस की संसद के निचले सदन स्टेट ड्यूमा के अध्यक्ष व्याचेस्लाव वोलोदिन के नेतृत्व में आए रूसी संसदीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के बीच संसदीय संबंधों, आतंकवाद के खिलाफ सहयोग, व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।

सी.पी. राधाकृष्णन ने व्याचेस्लाव वोलोदिन को स्टेट ड्यूमा के अध्यक्ष के रूप में दोबारा निर्वाचित होने पर बधाई दी। उन्होंने सितंबर 2026 में स्टेट ड्यूमा के नौवें कार्यकाल के लिए हुए चुनाव के सफल आयोजन पर भी शुभकामनाएं दीं।

राज्यसभा के सभापति ने भारत और रूस के बीच मजबूत संबंधों का उल्लेख करते हुए आतंकवाद से मुकाबले के साझा संकल्प में रूस के निरंतर समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच नियमित संसदीय संवाद आपसी प्राथमिकताओं को समझने, अनुभव साझा करने और सहयोग के नए रास्ते तलाशने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

उन्होंने भारत-रूस संबंधों से जुड़े हाल के कुछ विशेष अवसरों का भी जिक्र किया। इनमें सितंबर 2026 में दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को तिरुक्कुरल का रूसी संस्करण भेंट करना शामिल रहा।

राधाकृष्णन ने दोनों देशों के सांसदों के बीच नियमित संवाद का उल्लेख करते हुए मई 2025 में कनिमोझी करुणानिधि के नेतृत्व में पांच सांसदों के रूस दौरे का जिक्र किया। यह दौरा पहलगाम आतंकी हमले और भारत के ऑपरेशन सिंदूर के संदर्भ में हुआ था। उन्होंने दिसंबर 2025 में राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा के दौरान आयोजित 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन का भी उल्लेख किया।

आर्थिक सहयोग पर चर्चा करते हुए राज्यसभा के सभापति ने विश्वास जताया कि भारत और रूस दोनों देशों के नेतृत्व द्वारा तय किए गए लक्ष्य के अनुसार वर्ष 2030 तक सालाना द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने में सफल होंगे।

उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 80वीं वर्षगांठ मनाने की तैयारियां भी चल रही हैं। इसके अलावा, अंतर-क्षेत्रीय सहयोग, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क को द्विपक्षीय संबंधों के महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया।

राधाकृष्णन ने भारत और रूस के लोगों के पारस्परिक लाभ के लिए दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

इस अवसर पर राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, सांसद राघव चड्ढा, डॉ. के. लक्ष्मण, सुजीत कुमार, डॉ. सुधांशु त्रिवेदी, डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेयी, डॉ. राधामोहन दास अग्रवाल और संजय कुमार झा मौजूद रहे।

बैठक में राज्यसभा के महासचिव पी.सी. मोदी, एचवीपीआई के सचिव अमित खरे और सचिव के. एस. सोमशेखर भी मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

Livevns.news Desk
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