चुनाव 26 : कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल के लिए जारी किया घोषणापत्र
कोलकाता, 07 अप्रैल (हि.स.)। कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए अपना घोषणापत्र जारी करते हुए राज्य की जनता के समक्ष 'नेहरूवादी मध्य मार्ग' को तीसरे विकल्प के रूप में प्रस्तुत किया है।
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में यह चुनावी घोषणापत्र जारी किया।
इस अवसर पर खड़गे ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पिछले 20 वर्षों में पहली बार बंगाल में अपने दम पर चुनाव मैदान में उतरी है। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सत्तारूढ़ दल और मुख्य विपक्षी दल भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पिछले 15 वर्षों से राज्य 'भ्रष्टाचार और नियंत्रण' की राजनीति में फंसा हुआ है।
उन्होंने कहा कि भाजपा केवल ध्रुवीकरण, घृणा और हिंसा की राजनीति कर रही है, जिससे बंगाल का आर्थिक ढांचा चरमरा गया है। कांग्रेस के घोषणापत्र में बंगाल की अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने और रोजगार सृजन पर विशेष बल दिया गया है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने याद दिलाया कि कोलकाता कभी निवेश का प्रमुख गंतव्य था, लेकिन आज यहां के युवाओं को रोजगार की तलाश में अन्य राज्यों का रुख करना पड़ रहा है। कांग्रेस ने अपने संकल्प पत्र में महिलाओं के लिए दो हजार रुपये मासिक नकद सहायता, किसानों को 15 हजार रुपये वार्षिक आर्थिक मदद और प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर देने का वादा किया है।
उन्होंने कहा कि यह केवल वित्तीय सहायता नहीं, बल्कि 'राहत और सुधार' के जरिए भविष्य के पुनर्निर्माण का मार्ग है। बेरोजगारी को राज्य की सबसे बड़ी समस्या बताते हुए उन्होंने 'बंगाल रोजगार गारंटी मिशन' शुरू करने, नया निवेश करने और कौशल विकास को बढ़ावा देने की घोषणा की। महिलाओं को केवल लाभार्थी न मानकर उन्हें अर्थव्यवस्था का 'सारथी' बनाने के उद्देश्य से स्नातकोत्तर तक की शिक्षा मुफ्त करने का संकल्प लिया गया है।
कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए घोषणापत्र में वादा किया गया है कि राज्य से 'पार्टी राज' को समाप्त कर 'कानून का राज' स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अपराधी चाहे किसी भी दल का हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
वहीं, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि तृणमूल और भाजपा एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। उन्होंने भाजपा पर चुनावी मतदाता सूची में धांधली करने और रवींद्रनाथ टैगोर जैसी विभूतियों को बदनाम करने की राजनीति का आरोप लगाया। उन्होंने विश्वास जताया कि यह घोषणापत्र राज्य में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए 'बूस्टर डोज' का काम करेगा। --------------
हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता

